चंपावत। जिले के प्रवेशद्वार बनबसा में स्टेडियम की कवायद को तगड़ा झटका लगा है। यहां स्टेडियम के लिए चयनित जमीन को वन विभाग की हरी झंडी नहीं मिली है। मुख्यमंत्री के एलान के 20 माह बाद भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार के भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अब स्टेडियम के लिए नई जमीन की तलाश करनी होगी।
ऊधमसिंह नगर जिले की सीमा से लगे चंपावत जिले के प्रवेशद्वार बनबसा के लिए स्टेडियम की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक सितंबर 2021 को घोषणा की थी। प्रशासन ने बनबसा में 0.960 हेक्टेयर जमीन को स्टेडियम के लिए उपयुक्त पाते हुए चयनित कर प्रस्ताव भेजा था। चिह्नित जमीन का वन भूमि प्रस्ताव ऑनलाइन करने के साथ खेल विभाग ने भूगर्भ रिपोर्ट और लेआउट प्लान वन विभाग के उत्तराखंड के नोडल अधिकारी को भेजा था। अब केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहायक महानिरीक्षक (वन) की ओर से उत्तराखंड वन विभाग को जारी पत्र में इस भूमि के गैर वानिकी कार्य के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया गया है। स्टेडियम नहीं होने से क्षेत्र की खेल गतिविधियों से लेकर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं पर असर पड़ रहा है। इस वक्त यहां खाली पड़े मैदान में कामचलाऊ तरीके से खेल होते हैं। संवाद
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आसान नहीं होगा स्टेडियम के लिए गैर वन भूमि मिलना
चंपावत। जिला प्रशासन ने अब बनबसा के स्टेडियम के लिए गैर वन भूमि की तलाश के निर्देश दिए हैं। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने इस संबंध में टनकपुर के एसडीएम को पत्र भेजा है। एसडीएम सुंदर सिंह का कहना है किे बनबसा में स्टेडियम के लिए गैर वन भूमि की तलाश कराई जा रही है। जमीन मिलने के बाद तीन-तीन प्रतियों में प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।
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बनबसा में चिन्हित भूमि को भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने स्टेडियम के लिए देने से इनकार किया है। इसके चलते अब इस जगह में स्टेडियम नहीं बन सकेगा। प्रशासन से नई जगह के लिए आग्रह किया गया है।
भुवन चंद्र पंत, जिला क्रीड़ाधिकारी, चंपावत।