बरसात के बीच तेजपात के पौधों की बिक्री का ग्राफ बढ़ रहा है। सूखीढांग क्षेत्र के ग्रामीण रमेश चंद्र चौड़ाकोटी ने जुलाई के पहले 12 दिनों में अब तक 1300 तेजपात के पौधे लोगों को उपलब्ध कराए हैं।
रोड से कटे गंगसीर गांव में लगाई नर्सरी से ये पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चौड़ाकोटी 2014 में 20 हजार पौधे लोगों को किफायती दाम पर बांट चुके हैं।
वे एक पौधा 12 रुपये का देते हैं, जबकि आमतौर पर तेजपात का पौधा 20 रुपये तक में मिलता है। तेजपात का औषधीय उपयोग भी भरपूर है।
आयुर्वेदिक डा. मोहम्मद शाहिद का कहना है कि तेजपात खांसी, दमा, श्वांस की परेशानी, सिर दर्द, नेत्र रोग सहित कई परेशानियों में फायदेमंद है।