लोहाघाट (चंपावत)। नगर के समीप बनीगांव का जंगल दो दिनों से जल रहा है। जंगल में लगी आग थमने का नाम नहीं ले रही है। जंगल में लगी भीषण आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। इधर जंगल में आग लगने से आस पास के क्षेत्र में चारों ओर धुआं ही धुआं फैला हुआ है जिससे लोगों को काफी दिक्कत हो रही हैं।
बृहस्पतिवार सुबह अराजक तत्वों ने बनीगांव के जंगलों में आग लगा दी। तेज हवा के चलते आग ने पूरे जंगल को अपने आगोश में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि दमकल कर्मियों और वन कर्मियों के पसीने छूट गए लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। बृहस्पतिवार रात भर और शुक्रवार को भी जंगल में आग की लपटें उठती रहीं। आग से उतीश, चीड़, देवदार, बुरांश, बांज, फल्यांठ आदि प्रजातियों के पौधों के साथ जड़ी बूटियों के पौधे जल कर राख हो गए। जंगल में लगी आग पर काबू न होने पर पर्यावरण प्रेमियों ने गहरी चिंता जताई है। रेंजर दीपक जोशी ने बताया कि जंगल में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही जंगल में आग लगाने वाले अराजक तत्वों की खोजबीन की जा रही है। संवाद
फिर छाने लगी वातावरण में धुंध
पिथौरागढ़। बारिश होने से चार दिन तक राहत मिलने के बाद एक बार फिर पंचायती वनों में आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। बृहस्पतिवार की रात जिला मुख्यालय के निकटवर्ती किरीगांव के जंगलों में आग लग गई। देर रात तक जंगल सुलगता रहा। आग लगने के कारण वातावरण में धुंध फैल गई है। अब तक जिले में आग लगने की 111 घटनाएं हो चुकी हैं। शुक्रवार की सुबह मौसम सामान्य रहा। सुबह के समय दृश्यता ठीक रही। दोपहर बाद वातावरण में धुंध छा गई। धुंध के कारण पहाड़ियां फिर नजरों से ओझल हो गई। संवाद
कुमाऊं में केवल एक जंगल की आग का उल्लेख
हल्द्वानी। वन महकमे ने शुक्रवार को जंगल की आग को लेकर बुलेटिन जारी किया है, उसमें बीते 24 घंटे में कुमाऊं में जंगल की आग की केवल एक घटना का जिक्र है जबकि कुमाऊं में अल्मोड़ा, चंपावत जनपद के अलावा नैनीताल जिले में दो जगहों पर आग की घटना हुई है। वन विभाग के बुलेटिन के अनुसार अभी तक कुमाऊं में 577 जंगल की आग की घटना हो चुकी है, इसमें 817 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
इन प्रभागों में सर्वाधिक घटनाएं
हल्द्वानी। कुमाऊं के जंगल धधक रहे हैं। अल्मोड़ा वन प्रभाग में 76, सिविल सोयम अल्मोड़ा वन प्रभाग में 51 घटना हुई। इन दोनों प्रभागों में ही जंगल की आग से 239 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को नुकसान हुआ है। इसके अलावा पिथौरागढ़ वन प्रभाग में 115, चंपावत वन प्रभाग में 69 और तराई पूर्वी में 94 और नैनीताल वन प्रभाग में 29, रामनगर वन प्रभाग में 38 वनाग्नि की घटनाएं हुई हैं। इनमें वन संपदा को क्षति हुई है। संवाद