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Champawat News: मंच में 108 का ड्रामा... बार- बार बीमार, विभाग लाचार

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सरस्वती मखौलिया, सभासद भाटकोट। - फोटो : PITHORAGARH
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के मंच इलाके में 108 एंबुलेंस खुद बीमार है। लोगों को सुविधा पहुंचाने के बजाय एंबुलेंस बार-बार खराब हो रही है। 27 नवंबर 2022 से खराब एंबुलेंस 62 दिन में ठीक होकर आई तो एक दिन में ही जवाब दे गई। अब इसे मरम्मत के लिए फिर से वापस भेजा गया है।
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40 से अधिक गांवों की मददगार आपात सेवा 108 की एंबुलेंस पिछले साल 27 नवंबर से खराब थी। लोग कई बार आवाज उठाते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी। खामी दूर करने के बाद 28 जनवरी को एंबुलेंस मंच तो पहुंची लेकिन सिर्फ एक दिन सड़कों पर दौड़ पाई। अब मंच तक चंपावत से एंबुलेंस भेजने में एक घंटे के बजाय सवा दो घंटे लग रहे हैं।
लोग चंपावत के अस्पताल पहुंचने के लिए प्राइवेट जीप में 400 से 700 रुपये खर्च करने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से एंबुलेंस के काम नहीं करने से लोग अब 108 नंबर पर कॉल भी कम कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि 108 सेवा की एंबुलेंस की व्यवस्था ठीक करने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।
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रीठा साहिब और बाराकोट की एंबुलेंस भी खराब
चंपावत। चंपावत जिले में आपात सेवा 108 की कुल दस एंबुलेंस हैं, लेकिन इस वक्त सेवा में सात (टनकपुर, अमोड़ी, लोहाघाट, पाटी, किमतोली में एक-एक और चंपावत में दो) ही है। मंच के अलावा दो और एंबुलेंस भी खराब हैं। लधिया घाटी के रीठा साहिब की एंबुलेंस 16 दिसंबर 2022 से खराब है, बाराकोट की एंबुलेंस इस साल 20 जनवरी से फिटनेस के लिए गई है।
आपात सेवा 108 की एंबुलेंस ठीक होकर मंच भेजी गई थी, लेकिन एक दिन बाद ही इस एंबुलेंस में तकनीकी खराबी आ गई। जिस कारण उसे फिर से हल्द्वानी भेजा गया है। रीठा साहिब और बाराकोट की एंबुलेंस का काम हल्द्वानी में कराया जा रहा है।
-कमल शर्मा, 108 की एंबुलेंस सेवा के चंपावत जिला प्रभारी।
आईसीयू संचालन को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा
चंपावत। देवभूमि बेरोजगार असंगठित मजदूर सामाजिक संगठन ने जिला अस्पताल में आईसीयू के संचालन को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में संगठन के अध्यक्ष अब्दुल नाजिम, इरफान, अंकित कुमार, पवन कुमार, सुरेश कुमार आदि शामिल रहे। संवाद
चार साल बाद भी आईसीयू में तैनात नहीं हो सका स्टाफ
पिथौरागढ़। बीडी पांडे जिला अस्पताल के आईसीयू में चार साल बीतने के बाद भी स्टाफ तैनात नहीं किया जा सका है। करोड़ों की लागत से हंस फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित आईसीयू में ताले लटके हैं। वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस यूनिट का लोकार्पण किया था। आज तक चिकित्सा विभाग स्टाफ की तैनाती नहीं कर सका है। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. जेएस नबियाल ने बताया कि शासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। स्टाफ मिलने के बाद ही इसका संचालन किया जा सकेगा।
जिला अस्पताल में आईसीयू की स्थापना तो कर दी गई, लेकिन स्टाफ इतने समय बाद भी तैनात नहीं हो सका।
- भावना नगरकोटी, सभासद दौला।
आईसीयू का संचालन होता तो मरीजों को बाहरी जिलों के लिए रेफर न होना पड़ता। सरकार को इसकी शुरूआत करनी चाहिए।
-सरस्वती मखौलिया, सभासद भाटकोट।

भावना नगरकोटी, सभासद दौला।- फोटो : PITHORAGARH

चंपावत कलेक्ट्रेट में अंसगठित मजदूर संगठन के अध्यक्ष अब्दुल नाजिम ज्ञापन दिखाते हुए। संवाद- फोटो : CHAMPAWAT

चंपावत की खराब एंबुलेंस। संवाद- फोटो : CHAMPAWAT

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