चंपावत। सीजेएम अरुण बोहरा की अदालत ने एसबीआई की ओर से न्यायालय में पेश 156 (3) के दो प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए हैं। अदालत में बैंक के अधिवक्ता मनोज जोशी ने दलील दी कि संतोष वर्मा और कमल ओली ने बीएनके अस्पताल लोहाघाट में उपकरणों के लिए लाखों रुपये का ऋण लिया था। बैंक ने ऋण स्वीकार करते हुए बीएनके अस्पताल के लिए खरीदी संपत्ति को बंधक रखने की शर्त पर ऋण स्वीकृत किया था। बाद में दोनों ने अस्पताल बंद होने के बाद बैंक की बंधक रखी संपत्ति को गायब कर दिया। इस मामले को लेकर बैंक ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। अधिवक्ता जोशी ने बताया कि अब यदि बैंक निर्देश दे तो वह मामले की निगरानी जिला और सत्र न्यायालय चंपावत में करेंगे। संवाद