लोहाघाट (चंपावत)। नगर में रामलीला की धूम मची है। दूसरे दिन विश्वामित्र के राजा दशरथ से यज्ञ की रक्षा के लिए राम-लक्ष्मण को मांगने समेत कई दृश्य दिखाए गए।
श्रीराम सेवा सांस्कृतिक रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन मेहता के दिशा निर्देशन और शिक्षक नरेश राय के संचालन में लीला की जा रही है। इस दौरान राजा दशरथ के मना करने पर विश्वामित्र कहते हैं-बता जल्दी अरे राजन, तू राम देगा कि नहीं देगा, नहीं तो श्राप देता हूं, जो तू अब राम नहीं देगा, वचन दे के तूने राजन, प्रतिज्ञा पहले क्यों की थी, किए अपने की भोगेगा जो तू अब राम नहीं देगा।
दशरथ ने यज्ञ की रक्षा के लिए राम-लक्ष्मण को जंगल की ओर भेजा। राम-लक्ष्मण द्वारा ताड़का वध किया गया। इसके बाद जनकपुरी से मुनि विश्वामित्र को सीता स्वयंवर का निमंत्रण आना विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण का जनकपुरी में जाने की लीला दिखाई गई। मंचन में कैलाश बगौली, आनंद पुजारी, मुकेश साह, विपिन वर्मा, जीवन गहतोड़ी, दानू सुतेड़ी, दीपक सुतेड़ी, ईश्वरी साह आदि सहयोग कर रहे हैं।
फुलारगांव में धनुष यज्ञ से परशुराम-लक्ष्मण संवाद तक लीला हुई
चंपावत। जिला मुख्यालय के फुलारगांव में धनुष यज्ञ से लेकर परशुराम-लक्ष्मण संवाद तक लीला दिखाई गई। फुलारगांव में 20 सालों से रामलीला हो रही है। इस वर्ष रामलीला को भव्य रूप दिया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। रामलीला में मंगलवार को धनुष यज्ञ एवं परशुराम-लक्ष्मण संवाद हुआ जिसमें शिव धनुष टूटने के बाद क्रोधित हुए परशुराम से लक्ष्मण ने कहा-ऐसी धमकी दिखाना उसे जो हो छोटा सा बच्चा नादान...। आयोजन में कमेटी के अध्यक्ष विष्णु दत्त पांडेय, पूरन चंद्र फुलारा, गिरीश चंद्र पंत, अशोक बिष्ट, रमेश चंद्र, पूरन महर, महेश भट्ट, देव सिंह, शंकर दत्त, जगत सिंह, निर्मला महर, तुलसी देवी आदि सहयोग कर रहे हैं। संवाद