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Champawat News: देवभूमि का अहसास कराता है टनकपुर रेलवे स्टेशन

Sun, 23 Jun 2024 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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टनकपुर (चंपावत)। शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम के प्रमुख पड़ाव और पहाड़ के प्रवेश द्वार टनकपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते ही देवभूमि में आने का अहसास कराता है। अमृत भारत योजना से स्टेशन भवन बन चुका है। स्टेशन के विकास यात्रा में आने वाला नया वर्ष अत्याधुनिक सुविधाओं की भी सौगात लेकर आ रहा है। अमृत भारत योजना में 50 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो गया है।
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अंग्रेजों के दौर में जब तराई का अधिकांश क्षेत्र बीहड़ जंगल था तब वर्ष 1918 में पहली बार मीटर गेज रेल लाइन टनकपुर पहुंची थी। रेल ने तराई के इस हिस्से में जीवन के रंग भरने में अहम भूमिका निभाई थी। पीलीभीत-बरेली से टनकपुर तक जगह-जगह रेलवे स्टेशन बने और वहां बसासत हुई। शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि के श्रद्धालुओं से भरी खचाखच ट्रेन आज भी जब रास्ते के स्टेशनों से होकर रेलवे स्टेशन पहुंचती है तो माहौल भक्तिमय हो जाता है। 22 फरवरी 2019 को मीटर गेज से ब्राड गेज की सौगात मिली और 12 मार्च 2021 को हाई स्पीड इलेक्टि्रक इंजन भी दौड़ा।
रेलवे स्टेशन से पहाड़ के चंपावत, पिथौरागढ़ जिले के साथ पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को लाभ मिल रहा है। विकास की इस यात्रा में वर्तमान वर्ष भी कम सौगात लेकर नहीं आया है। स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि स्टेशन को आधुनिक बनाने के लिए इसे अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है। सितंबर 2023 से करीब दस करोड़़ की लागत से स्टेशन का विकास शुरू हुआ। पचास प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। वर्तमान में स्टेशन भवन का लुक मंदिर का बन चुका है। पार्किंग, यात्री शेड, स्वचालित सीढ़़ी समेत अनेक सौगात साल के अंत तक मिल जाएंगी। स्टेशन परिसर में 18 दुकानें भी बन रही हैं।
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इनसेट
अब देहरादून, दिल्ली समेत पांच शहरों को सीधे एक्सप्रेस ट्रेन
टनकपुर। मीटर गेज से ब्राड ग्रेज और कोयल इंजन, डीजल इंजन के बाद इलेक्टि्रक इंजन से टनकपुर से हाई स्पीड पांच एक्सप्रेस ट्रेन दौड़ रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राजधानी देहरादून के लिए भी ट्रेन की सौगात इसी वर्ष मिली। स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि वर्तमान में देहरादून, त्रिवेणी एक्सप्रेस, दिल्ली जनशताब्दी एक्सप्रेस, राजस्थान के दोराई और मथुरा के लिए कुल पांच एक्सप्रेस ट्रेन संचालित हो रही हैं। कुल 11 ट्रेनों में छह ट्रेनों में एक कासगंज, दो बरेली, पीलीभीत के लिए तीन ट्रेन दौड़ रही हैं। अब यार्ड एक्सटेंशन का भी कार्य होना है।
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