टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला से मलबा हटने के बाद शुरू आवाजाही। संवाद न्यूज एज
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग करीब 13 घंटे बंद रहा। शुक्रवार रात नौ बजे से बंद मार्ग सुबह साढ़े नौ बजे बाद खुला। इससे पहले रास्ते में फंसे यात्रियों को प्रशासन ने रात में ही चंपावत और चल्थी पहुंचा दिया था। इधर बारिश से चंपावत जिले की छह ग्रामीण सड़कें भी बंद हैं।
स्वांला और अमोड़ी पर आए मलबे से एनएच शुक्रवार दोपहर बाद बंद हो गया था जिसे रात करीब आठ बजे खोल दिया गया था इसके बाद यह मार्ग रात नौ बजे फिर बंद हो गया। रात में दो बार मार्ग साफ भी हुआ लेकिन पत्थर आने से फिर बंद हो गया। मलबे को शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे हटाया जा सका।
एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि मार्ग बंद रहने तक सुबह साढ़े नौ बजे तक टनकपुर और चंपावत से वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी। वाहनों की आवाजाही सुचारु होने के बावजूद रुक-रुक कर पत्थर गिरने से स्वांला में रास्ता जोखिमभरा बना हुआ है। रास्ता बंद होने से रात में फंसे मुसाफिरों के रहने की व्यवस्था चंपावत के रैनबसेरे में की गई थी।
चंपावत जिले की बंद सड़कें
धूनाघाट-भिंगराड़ा-रीठासाहिब, धौन-दियूरी, खटोली मल्ली-वैला, सिप्टी-अमकड़िया, चल्थी-नौलापानी और धौन-सल्ली सड़क।
चंपावत जिले में हुई बारिश
चंपावत : 17 मिलीमीटर
लोहाघाट : 20 मिलीमीटर
पाटी : 10 मिलीमीटर
बनबसा : 70 मिलीमीटर