टनकपुर (चंपावत)। जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर और बनबसा में मंगलवार की रात आंधी से काफी तबाही हुई है। जगह-जगह पेड़ों के गिरने से मकान और झाले क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई झालों के छप्पर आंधी से उड़ गए। वहीं बिजली की लाइन भी कई जगह क्षतिग्रस्त हुई है। आम और लीची के फलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बुधवार को एसडीएम सुंदर सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित स्थानों का दौरा कर आंधी से हुए नुकसान का जायजा लिया।
नगर के वार्ड संख्या तीन खच्चर पड़ाव में रामसिंहासन गौड़ के पक्के मकान के ऊपर साल का विशालकाय पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि परिवार के लोग घर के अंदर होने से कोई पेड़ की चपेट में नहीं आया अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। ककरालीगेट में राजेंद्र जोशी के मकान के ऊपर सागौन का भारी भरकम पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं आमबाग में सतीश चंद के मकान में पेड़ की बड़ी टहनी गिरने से मकान की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है।
इधर शारदा चुंगी स्थित सीताराम मंदिर के पास आम का विशाल पेड़ गिर गया। छीनीगोठ में भी आंधी से काफी नुकसान हुआ है। वहां अमर सिंह, गौरी देवी, माया पंत, अशोक कुमार, नवीन भट्ट, बच्चे सिंह, मोहन राम और हयात राम के कच्चे मकान और गोशाला के छप्पर उड़ गए। ग्राम प्रधान पूजा जोशी ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
विचई, सैलानीगोठ, उचौलीगोठ, गैंड़ाखाली, बस्तिया, नायकगोठ, थ्वालखेड़ा, आमबाग, ज्ञानखेड़ा, मनिहारगोठ आदि गांवों में आम और लीची की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। फलों से लदे कई पेड़ आंधी से धराशायी हो गए हैं। लीड फायर मैन श्याम सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग की टीम रात में वुडकटर मशीन की मदद से गिरे पेड़ों को काटकर हटाने में जुटी रही।
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बिजली और पानी की आपूर्ति भी ठप
चंपावत। मंगलवार की रात आई आंधी ने क्षेत्र की बिजली और पेयजल व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। रात 12 बजे ठप हुई बिजली आपूर्ति बुधवार शाम तक सुचारू नहीं हो पाई थी। जेई परमिंदर सिंह ने बताया कि लाइन पर पेड़ों के गिरने से लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। विभाग की टीम लाइन ठीक करने में जुटी है। इधर बिजली के अभाव में पेयजल आपूर्ति भी ठप रहने से लोग खासे परेशान रहे। संवाद
राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरा पेड़, सवा घंटे बंद रही आवाजाही
धौन के पास भारी भरकम पेड़ गिरा, तड़के का समय होने से बचा हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। आंधी से धौन के पास भारी भरकम पेड़ गिरने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बुधवार सुबह करीब सवा घंटे बंद रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक एनएच पर धौन के पास बुधवार तड़के करीब 4:40 बजे पेड़ गिरने से आवाजाही बाधित हो गई। इसके चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। लोहाघाट अग्निशमन की टीम ने वुड कटर से पेड़ काट सवा घंटे में सड़क को आवागमन के लिए सुचारू किया। संवाद
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चंपावत के कई ग्रामीण क्षेत्र अंधेरे में
देर शाम तक 60 प्रतिशत जगह सुचारू हुई आपूर्ति
सिप्टी जीआईसी परिसर में गिरा बिजली का खंभा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। मंगलवार रात को अंधड़ आने से चंपावत क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों की बिजली गुल हो गई है। इससे क्षेत्र के 19 हजार से अधिक लोग रात से अंधेरे में हैं। वहीं बुधवार शाम तक 60 प्रतिशत जगह बिजली आपूर्ति सुचारू कर ली गई थी।
आंधी से तल्लादेश, तल्लापाल, सिप्टी घाटी सहित चंपावत के ग्रामीण इलाके मंगलवार रात से अंधेरे में हैं। इन इलाकों में कई जगह बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को दुश्वारी झेलनी पड़ी। इससे मोबाइल चार्जिंग की भी समस्या हो गई है। ऊर्जा निगम के जेई आरसी पंत ने बताया कि मंगलवार रात कई क्षेत्रों में तार और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभागीय टीम लाइन ठीक कर रही है। 60 प्रतिशत जगह आपूर्ति सुचारू कर ली गई है। शेष जगहों में बृहस्पतिवार तक आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। वहीं आंधी से सिप्टी जीआईसी परिसर में मंगलवार रात बिजली का खंभा गिर गया। रात का समय होने से कोई नुकसान नहीं हुआ।
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पूर्णागिरि धाम में न बिजली न मोबाइल नेटवर्क
व्यापारियों ने जनरेटरों से दुकानों में किया उजाला
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मंगलवार देर रात आई आंधी मां पूर्णागिरि धाम की व्यवस्थाओं पर भी पड़ी है। यहां मंगलवार रात से बिजली गुल है। साथ ही मोबाइल सेवाएं भी ठप है। इस वजह से श्रद्धालुओं के साथ ही व्यापारी और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर क्षेत्र का संचार संपर्क कटा हुआ है। हालांकि कई व्यापारियों ने जनरेटर की व्यवस्था की हुई है लेकिन सार्वजनिक जगहों पर परेशानी देर शाम तक बनी हुई थी। ऊर्जा निगम के ईई रवि कुमार का कहना है कि टीम आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई है। संवाद
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बारिश से खिले किसानों के चेहरे
लोहाघाट (चंपावत)। मंगलवार रात हुई अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। बारिश से नदी-नाले कुछ समय के लिए उफान पर आ गए। एडीओ उद्यान आशीष रंजन खर्कवाल ने बताया कि बारिश किसानों के लिए फायदेमंद है। बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी हो गई है। संवाद
चंपावत जिले में बारिश का आकड़ा (मिलीमीटर में)
चंपावत : 10
लोहाघाट : 35
टनकपुर : 12
बनबसा में मंगलवार मध्यरात्रि से चल रहा पावर कट
लोग गर्मी में रहे परेशान, सुबह पेयजल संकट बना रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बनबसा (चंपावत)। मंगलवार की मध्यरात्रि आई आंधी से बनबसा में जगह-जगह पेड़ों के टूटने से क्षेत्र में 33 और 11 केवीए की बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सुबह समय क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया। गृहणियों को घरेलू काम निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पानी के लिए नजदीकी हैंडपपों पर लाइन लगानी पड़ी। वहीं शहरी क्षेत्रों में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा।
यूपीसीएल के बनबसा सबस्टेशन के प्रभारी वरिष्ठ अवर अभियंता प्रवेंद्र सिंह ने बताया कि धनुषपुल, पंपापुर भजनपुर और मीना बाजार में जगह जगह 33 केवीए और 11 केवीए की लाइन पेड़ों और टहनियों के गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। देर रात करीब ढाई बजे तक क्षेत्र की 33 केवीए की क्षतिग्रस्त बिजली लाइन को दुरुस्त कर लिया गया था। 11 केवीए की बिजली लाइन की मरम्मत का कार्य जारी है। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में 15 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इधर बिजली आधारित कारोबार, होटलों, रेस्टोरेंट, साइबर कैफे के अलावा सरकारी कार्यालयों और मीडिया कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संवाद
आंधी से हुआ ग्रामीणों का नुकसान
कई घरों की छतें उड़ी, घरेलू सामान हुआ नष्ट, पीड़ित ग्रामीणों ने रात खुले में बिताई
संवाद न्यूज एजेंसी
बनबसा (चंपावत)। बीती मध्यरात्रि आई आंधी से बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह काफी नुकसान हुआ है। गुदमी ग्रामसभा के भैंसाझाला गांव में गजेंद्र सिंह सामंत, अनिता चंद, आशा देवी, राम सिंह कार्की, शेर सिंह प्रधान, रविंद्र सिंह के घरों की छतें उड़ गईं। बमनपुरी गांव में अजय शुक्ला के घर की छत उड़ जाने एवं घरेलू सामान का कफी नुकसान हुआ है।
देवीपुरा प्रधान दीपक प्रकाश चंद के अनुसार मझगांव व देवीपुरा में कलावती महर, दिव्यांग विनोद सिंह, विक्रम सिंह, गीता देवी, तुलसी देवी, सुनीता देवी, धीरज सिंह, रघुवर सिंह, कौशल्या देवी, किरन राम, लीला राम, सागर राम, जानकी देवी, दीपक राम, दुर्गा देवी, खुशाल सिंह, मुकेश राम आदि के घरों की टिन व सीमेंट की चादरें उड़ी हैं अथवा टूट गई हैं।
पूर्व प्रधान माला देवी, गुदमी प्रधान प्रतिनिधि जसवंत बसेड़ा, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सावंत, बमनपुरी प्रधान भावना नेगी ने प्रशासन से जांच कर पीड़ित ग्रामीणों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उधर राजस्व उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि मौके पर पहुंच दैवीय आपदा की जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। वे अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
पिथौरागढ़ जिले में तेज गरज के साथ मूसलाधार बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। मंगलवार की देर रात पिथौरागढ़ जिले में तेज गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान नगर के विभिन्न इलाकों में बिजली भी गुल रही। बुधवार को भी दिन भर बादल छाए रहे। मुनस्यारी सहित जिले के अन्य ऊंचाई वाले हिस्सों में बारिश हुई।
मंगलवार की देर रात करीब साढ़े 12 बजे पिथौरागढ़ सहित जिले भर में तेज गरज के साथ बारिश हुई। डीडीहाट, कनालीछीना, मुनस्यारी, अस्कोट, धारचूला, बंगापानी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट में लगभग दो घंटे तक मौसम खराब रहा। इस दौरान जिला मुख्यालय के नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। अधिकांश हिस्सों में रात में ही आपूर्ति बहाल हो गई जबकि सिमलगैर, पांडेगांव, घंटाकरण क्षेत्र में सुबह बिजली बहाल हुई। बुधवार की सुबह मौसम सामान्य रहा। आसमान में बादल छाए रहे। शाम करीब तीन बजे अस्कोट, डीडीहाट, थल, बंगापानी, धारचूला और मुनस्यारी में तेज बारिश हुई। इधर जिला मुख्यालय में हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश और दिन भर बादल छाए रहने से घाटी वाले क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है।
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वनों में लगी आग बुझी
पिथौरागढ़। मंगलवार की रात और बुधवार को हुई बारिश से वनों में लगी आग बुझ गई है। इससे वन विभाग ने राहत की सांस ली है। मंगलवार को डीडीहाट के घनधूरा क्षेत्र के जंगल आग से धधक रहे थे। अति दुर्गम होने से इस क्षेत्र की आग पर नियंत्रण पाना वन विभाग के लिए भी मुश्किल साबित होता है। बारिश होने से सभी स्थानों पर आग बुझ गई है। संवाद
इनसेट
कहां कितनी बारिश हुई
पिथौरागढ़ - 10 मिमी
गंगोलीहाट - 5 मिमी
बेड़ीनाग - 2.4 मिमी
डीडीहाट - 2.9 मिमी
मुनस्यारी - 7 मिमी
धारचूला - 9.2 मिमी