मंच/चंपावत। तल्लादेश के रायलगांव की प्रसूता को अस्पताल पहुंचाने में एसएसबी के डी समवाय कंपनी के जवान देवदूत बने। जवानों ने गंभीर हालत में प्रसूता को पांच किमी डोली से सड़क तक पैदल पहुंचाया। जवानों ने बिना रुके थके ऊबड़ खाबड़ दूरी पार कर प्रसूता को मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से प्रसूता को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक लाया गया।
जिला मुख्यालय से 55 किमी दूर सड़क विहीन रायलगांव में 16 अक्तूबर को प्रसूता संगीता देवी (42) पत्नी सुग्रीव राम ने सुबह पांच बजे बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ने लगी। रक्तस्राव अधिक होने पर परिवार के लोग घबराने लगे। एसएसबी पंचम वाहिनी की डी समवाय कंपनी तामली को इसकी सूचना मिली। इसकी सूचना कमांडेंट को दी गई। सूचना मिलने के बाद वाहिनी के कमांडेंट अनिल सिंह ने जवानों को प्रसूता को मदद करने के आदेश दिए। इसके बाद जवान देवदूत बनकर पांच किमी दूर प्रसूता के घर पहुंचे और डोली से महिला को पत्थरीले और जोखिम भरे रास्तों से होते हुए पांच किमी मुख्य सड़क तक लाए।
प्रसूता को एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक अनिल शर्मा, आरक्षी करन प्रसाद, सुरजीत सिंह, हरीश ऐरी, सोविंद्र कुमार, आदित्य चौधरी, सचिन मौर्या, ब्रजेश कुमार, रोहिताश कुमावत, मंजीत सिंह आदि ने सहारा दिया। प्रसूता को चंपावत से आई आपात सेवा 108 से चार बजे 18 किमी दूर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंच लाया गया। इसके बाद केंद्र में डॉ. प्रगति तोमर, एएनएम शीला प्रहरी, सीएचओ ममता मनराल ने उसका इलाज किया। हालत में सुधार के बाद प्रसूता को बृहस्पतिवार सुबह 8.30 बजे घर भेज दिया गया। जवानों को प्रसूता को सड़क तक लाने में 10 किमी का सफर तय करना पड़ा।
समाज से जुड़ी रहती है एसएसबी
मंच। एसएसबी हमेशा ही समाज के लोगों से जुड़ी रहती है। नागरिक कल्याण कार्यक्रमों के तहत स्वास्थ्य शिविर, पशु शिविर आदि लगाने का काम सीमा क्षेत्र में एसएसबी करती रहती है। वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सीमा पर तैनात एसएसबी चौकसी के साथ ही लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है। संवाद