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मंडुवा, चौलाई, सोयाबीन खरीदेंगी समितियां

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चंपावत। जिले के काश्तकारों के लिए अच्छी खबर है। सहकारिता विभाग की ओर से जिले में बहुउद्देशीय साधन सहकारी समितियों के माध्यम से मंडुवा, झिंगोरा, सोयाबीन और चौलाई की फसलों की खरीद की जाएगी। राज्य सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से खरीफ सत्र 2022-23 के लिए मंडुवा, चौलाई, झिंगोरा और सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन खरीद मूल्य भी निर्धारित कर दिया गया है।
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सहकारिता विभाग के सहायक निबंधक पान सिंह ने बताया कि आंतरिक मल्टीग्रेड खरीद नीति के तहत राज्य सरकार की ओर से मंडुवा, झिंगोरा, सोयाबीन और चौलाई की फसलों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। राज्य सहकारी संघ की ओर से सहकारी समितियों के माध्यम से चंपावत जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति चंपावत, कोट अमोड़ी, चानमारी, खतेडा, डुमडई, दिगालीचौड़, बाराकोट, वल्सों, बापरू, रौलमेल, देवीधूरा, चौड़ामेहता, दूबड़, बांजगांव व मंच में सहकारी क्रय केंद्रों का संचालन 15 अक्तूबर से 15 दिसंबर तक किया जाएगा। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी के अनुसार शासन की ओर से मंडुवे का समर्थन मूल्य 27 रुपये किलो, झिंगोरे का 25 रुपये किलो, सोयाबीन का 40 रुपये किलो और चौलाई का समर्थन मूल्य 50 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है।
मंडुवा के मूल्य में हुई दो रुपये की बढ़ोत्तरी
चंपावत। सहकारी समितियों के माध्यम से मंडुवा की खरीद में इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। गत वर्ष मड़ुवा, झिंगोरा 25 रुपये प्रति किलो, चौलाई 50 रुपये और सोयाबीन 40 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार खरीदा गया था। इस वर्ष मंडुवे की कीमत 27 रुपये प्रति किलो तय की गई है। संवाद
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पर्वतीय क्षेत्र में होती है मंडुवा और सोयाबीन की खेती
चंपावत। जिले में मंडुवा, चौलाई, झिंगोरा और सोयाबीन काफी अधिक मात्रा में पैदा किया जाता है लेकिन अब तक उत्पादकों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। अब फसलों के क्रय केंद्र खुलने के बाद किसानों की समस्या का समाधान हो सकेगा। संवाद
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