चंपावत। बड़ौली गांव की मीना देवी, हरी देवी, तुलसी और जया लंबी दूरी तय कर घर का जरूरी सामान सिर पर ढोकर लाने के लिए मजबूर हैं। उनकी यह मजबूरी इसलिए है कि धौन-बड़ौली सड़क पिछले 13 दिनों से बंद है। छह किलोमीटर की इस सड़क के नहीं खुल पाने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एनएच के किनारे धौन से बड़ौली की छह किमी लंबी सड़क 22 जुलाई से बंद है। इस कारण यहां लोगों की आवाजाही मुश्किल हो रही है। लोग अनाज से लेकर अन्य जरूरी सामान पैदल रास्ते से ढोकर लाने के लिए मजबूर हैं। इसमें जोखिम के अलावा समय और मेहनत भी अधिक लग रही है। बुजुर्गों के अलावा बीमार लोगों को लाने-ले जाने में भी दिक्कत हो रही है।
इस सड़क के ऊपरी हिस्से पर एनएच से आने वाले मलबे से नीचे खेत बर्बाद होने के साथ कुछ मकानों को भी खतरा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय का कहना है कि यह सड़क तीन जगह बुरी तरह टूटी है। कार्यदाई एजेंसी से इसे जल्द से जल्द खोलने को कहा गया है।
विभाग सड़क खोलने में कतई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। उनकी और कई अन्य ग्रामीणों की जीप 13 दिन से फंसी है। जीप के नहीं चलने से आमदनी चौपट हो गई है। - खिलानंद, बड़ौली।
सड़क बंद होने से गांव के लोगों का जरूरी काम के लिए सड़क तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा है। तेजी से मशीन लगाकर सड़क को चलने लायक बनाया जाए। - गोपाल थ्वाल, बड़ौली।
आमने-सामने
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला के पास पहाड़ी से आने वाले मलबे को हटाना एनएच पर आवाजाही सुचारू करने के लिए जरूरी है। धौन-बड़ौली सड़क की कार्यदाई एजेंसी अन्य स्थानों पर आए मलबे को हटाएगी तभी विभाग की मशीन वहां पहुंच सकेगी। सुनील कुमार, ईई, एनएच खंड लोहाघाट।
धौन-बड़ौली सड़क टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के मलबे से बंद है। जब तक एनएच पर स्वांला से मलबा गिरना बंद नहीं होगा सड़क खोलने में मुश्किल पैदा होगी। अभिषेक यादव, अभियंता, एनपीसीसी, चंपावत।
चंपावत जिले की बंद सात सड़कें
पुनाबे-सिप्टी-न्याड़ी, स्याला-पोथ, सिप्टी-अमकड़िया, बगौटी-डुंगरालेटी, अमोड़ी-छतकोट, धौन-बड़ौली और कजीना-कलौनी सड़क।
चंपावत जिले की बारिश (मिमी में)
चंपावत: 16
लोहाघाट: 6
पाटी: 10
बनबसा: 17