चंपावत। चंपावत से विधायक निर्वाचित होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अपनी निर्वाचन क्षेत्र में पहला कार्यक्रम 13 जुलाई को चंपावत जीजीआईसी के सभागार में हुआ। चंपावत को मॉडल जिला बनाने का भरोसा यहां से दिखाया गया लेकिन इसी कॉलेज के हाल इस कदर खराब हैं कि शिक्षिकाओं की कमी कक्षा के अस्तित्व पर भारी पड़ रही है। प्रवक्ताओं के न होने से छात्राएं स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर हैं। 11वीं के विज्ञान संकाय में भावना नेगी अकेली छात्रा है।
चंपावत के जीजीआईसी में 509 छात्राएं पंजीकृत हैं लेकिन इतनी छात्राओं के बावजूद ग्यारहवीं के विज्ञान संकाय में सिर्फ एक छात्रा पढ़ रही है। हाईस्कूल पास करने वाली शेष 16 छात्राओं ने प्रवक्ताओं की कमी से दूसरे स्कूलों में दाखिला लिया। इस तरह स्कूल में एकमात्र छात्रा भावना नेगी रह गई। अकेले होने से शिक्षिकाओं को पढ़ाने में और छात्रा को पढ़ने में परेशानी हो रही है। भावना बताती हैं कि चंपावत जीआईसी के अटल उत्कृष्ट विद्यालय होने से अधिक शुल्क पढ़ता है, इसलिए वह यहीं पढ़ रही है। शिक्षिका रूपा कठायत कहती हैं कि अकेली छात्रा को पढ़ाना बेहद चुनौती भरा है। अकेले होने से सामूहिकता की कमी और प्रतिस्पर्धा की भावना गायब हो जाती है। इसके बावजूद वे छात्रा को जिम्मेदारी से पढ़ाने का प्रयास कर रही हैं।
जीजीआईसी इंटर में सिर्फ दो विषयों (भौतिक विज्ञान, गृह विज्ञान) की प्रवक्ता हैं जबकि जीव विज्ञान और भूगोल में अतिथि प्रवक्ता हैं। वहीं एलटी में सृजित 11 पदों में से एक अतिथि शिक्षक सहित आठ पद भरे जा सके हैं। प्रभारी प्रधानाचार्या भुवनेश्वरी फोनिया का कहना है कि शिक्षिकाओं के खासकर प्रवक्ताओं खाली पदों की वजह से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस कारण 11वीं में विज्ञान में प्रवेश कम हो गए हैं। अब इस कक्षा में सिर्फ एक छात्रा है। पदों को भरने को लेकर उच्चाधिकारियों से आग्रह किया जा चुका है।
जीजीआईसी में खाली हैं ये 11 पद
प्रवक्ता : हिंदी, अंग्रेजी, गणित, भौतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान।
एलटी शिक्षिका : हिंदी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान।
मिनिस्टीरियल संवर्ग : वरिष्ठ प्रशासनिक सहायक, कनिष्ठ सहायक।
आठ में से दो ही कन्या स्कूलों में प्रधानाचार्य
चंपावत। चंपावत जिले में छह (चंपावत, टनकपुर, बनबसा, लोहाघाट, चमदेवल, काकड़, खेतीखान) जीजीआईसी और एक पाटी में कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है लेकिन इनमें से सिर्फ दो कॉलेज टनकपुर, बनबसा में ही प्रधानाचार्या हैं। शेष जगह प्रभारियों के भरोसे व्यवस्था चल रही है।
जिले के जीजीआईसी और कन्या हाईस्कूल में पदों की हालत
प्रवक्ता के 68 पदों में से 23 खाली।
एलटी की 78 शिक्षिकाओं में से 10 खाली।
चंपावत जिले में सात जीजीआईसी और एक कन्या हाईस्कूल में शिक्षिकाओं के 22 प्रतिशत पद खाली हैं जबकि प्रधानाचार्यों के भी आठ में से छह पद खाली हैं। इन पदों को भरे जाने का निदेशालय से आग्रह किया गया है। - जितेंद्र सक्सेना, सीईओ, चंपावत।