सिडकुल के लिए प्रस्तावित निष्प्रयोज्य रोजिन फैक्ट्री परिसर। संवाद
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चंपावत। नगर में बंद हो चुकी कुमाऊं मंडल विकास निगम की रोजिन टरपंटाइन फैक्टरी वाले परिसर में उत्तराखंड राज्य औद्योगिक विकास निगम (सिडकुल) की औद्योगिक इकाई खुलने की संभावना कम हो गई है। जमीन की कीमत को लेकर ये अड़चन आ रहा है। अगर ये बाधा दूर न हुई तो निगम की भूमि सिडकुल के हाथ से निकल जाएगी।
उत्तराखंड बनने के बाद भी जिले में औद्योगिक विकास नहीं हो सका। सिडकुल ने सर्वे के बाद रोजिन फैक्टरी परिसर की 162 नाली जमीन को औद्योगिक गतिविधियों के लिए उपयोगी पाया था। सिडकुल ने इस परिसर को पर्यटन और सेवा से संबधित औद्योगिक इकाइयों के लिए उपयुक्त पाया था। सिडकुल की सर्वे रिपोर्ट प्रशासन ने शासन भेजी थी लेकिन जमीन की कीमत इस परिसर में औद्योगिक गतिविधियों की संभावना पर ग्रहण लगा रही है।
केएमवीएन के स्वामित्व वाली रोजिन फैक्टरी वाली जमीन के दाम को लेकर निगम और सिडकुल के बीच सहमति नहीं बन सकी है। निगम बाजार की दर तो सिडकुल सर्किल रेट की दर पर जमीन खरीदने का पक्षधर है। तिगुनी दरों में करीब दस करोड़ रुपये का अंतर आ रहा है। सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक केके कफल्टिया का कहना है कि फैक्टरी वाली जमीन की खरीद पर उच्च स्तर पर विचार चल रहा है।
सिडकुल के लिए जमीन की अन्य जगह भी हो रही तलाश
चंपावत। रोजिन फैक्टरी के अलावा भी प्रशासन कुछ अन्य जगह सिडकुल के लिए जमीन की तलाश कर रहा है। केएमवीएन के स्वामित्व वाली रोजिन फैक्टरी वाली जमीन सिडकुल के लिए न मिलने पर कुछ अन्य जगहों पर भी तलाश की जाएगी। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी का कहना है कि चंपावत के डुंगरासेठी के अलावा बनबसा में सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की जमीन का कुछ हिस्सा और देवीपुरा में भी औद्योगिक संभावनाएं तलाशी जा रहीं हैं।
रोजिन टरपंटाइन फैक्टरी वाली जमीन पर सिडकुल के प्रस्ताव पर केएमवीएन सिद्धांत रूप से सहमत है। निगम जमीन की कीमत बाजार दर पर बेचेगा। - विनीत तोमर, प्रबंध निदेशक, केएमवीएन, नैनीताल।