टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में सोमवार को फिर हादसा हो गया। सेल्फी लेेते वक्त पैर फिसलने से बरेली के दो सगे भाई शारदा नदी में डूब गए। जल पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ के गोताखोर देर शाम तक खोजबीन में जुटे रहे लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका।
बरेली जिले के पुरेना आंवला निवासी राजू राजपूत (20) पुत्र प्रेमशंकर और उसका छोटा भाई मुकेश राजपूत (15) अपने चार दोस्तों के साथ रविवार शाम मां पूर्णागिरि के दर्शन के लिए आया था। सोमवार सुबह करीब पौने आठ बजे दर्शन कर लौटने के बाद सभी ठुलीगाड़ से करीब दो किमी दूर टनकपुर-जौलजीबी रोड पर चरण मंदिर से पहले शारदा तट पर नहाने गए थे।
इस दौरान राजू और उसका भाई मुकेश नदी तट पर एक बड़े पत्थर पर खड़े होकर सेल्फी लेने लगे। अचानक पैर फिसलने से दोनों शारदा नदी में गिर गए। बचाव के लिए दोस्तों ने शोर मचाया लेकिन एकांत और दुर्गम स्थान होने के कारण किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी। कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि दोनों की खोजबीन की जा रही है। मेला शुरू होने के बाद 19 दिन के अंदर पांच लोग शारदा नदी में डूबे चुके हैं।
छोटे को बचाने के प्रयास में बड़ा भाई भी डूब गया
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में सोमवार को हुए हादसे से बरेली के आंवला से आए श्रद्धालु सन्न हैं। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि सारी खुशियां पल भर में बिखर जाएंगी। साथ में आए दोस्तों का कहना है कि सेल्फी लेने के चक्कर में नदी में गिरे छोटे भाई को बचाने के प्रयास में बड़ा भाई भी डूब गया।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी अंश शर्मा ने बताया कि राजू राजपूत और उसका छोटा भाई मुकेश राजपूत नदी तट पर पत्थर पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे। इसी दौरान छोटे भाई मुकेश का पैर फिसलने से वह अनियंत्रित होकर नदी में गिर गया। बड़े भाई राजू ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन वह भी अनियंत्रित होकर डूब गया। उन्होंने नदी तट से सड़क पर पहुंचकर पुलिस को घटना की सूचना दी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। संवाद
साथियों ने बताया कि नहाने के लिए टनकपुर-जौलजीबी रोड से नीचे शारदा तट पर जाते वक्त राजू और मुकेश ने सभी दोस्तों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई थी।
ई-रिक्शा चलाता है राजू, मुकेश कर रहा पढ़ाई
टनकपुर (चंपावत)। अंश शर्मा ने बताया कि राजू और मुकेश पांच भाइयों में छोटे हैं। उनके तीन बड़े भाई शादीशुदा हैं। परिवार की आजीविका के लिए राजू बरेली जिले के पुरेना आंवला में ई-रिक्शा चलता है जबकि 15 वर्षीय मुकेश नौवीं में पढ़ रहा है। संवाद
ये कर रहे तलाश
टनकपुर (चंपावत)। शारदा में डूबे दोनों भाइयों की नदी में चल रही खोज में ठुलीगाड़ चौकी प्रभारी दिलावर सिंह भंडारी, पुलिस के तैराक रवींद्र कुमार उर्फ पहलवाल, गौरव दुर्गापाल, राकेश गिरी, अग्निशमन विभाग के एसआई श्याम सिंह, वीरेंद्र मौर्य, बालमुकुंद राणा, त्रिभुवन, शीशराम, राजेश, जगदीश सामंत के अलावा एसडीआरएफ, पीएसी की बाढ़ सुरक्षा इकाई के गोताखोरों की टीम जुटी है। संवाद
एक महीने में चार घटनाएं, छह लोग डूबे
टनकपुर (चंपावत)। शारदा नदी में डूबने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की संजीदगी नहीं दिखाई दे रही। एक महीने के अंदर शारदा में डूबने की चार घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें छह लोग डूब चुके हैं।
पूर्णागिरि मेला नौ मार्च से शुरू हुआ है। मेले के शुरुआती महीने में ही लगातार होते हादसों ने सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। शारदा और बूम घाट को छोड़कर नदी के कई ऐसे तट हैं जहां श्रद्धालु जोखिम उठाकर सेल्फी लेने के साथ ही स्नान भी करते हैं लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। पुलिस फोर्स की कमी का रोना रो रही है और श्रद्धालु सजग करने के बाद भी मान नहीं रहे हैं। संवाद
एक महीने के अंदर हादसे
28 फरवरी : शारदा घाट पर नहाते वक्त दो बालक 10 साल के अंकित और आठ साल के अमित की डूबकर मौत हो गई थी। दोनों के शव पांच दिन बाद मिल पाए थे।
03 मार्च : दो बेटों के साथ दर्शन के लिए आए बहराइच के मोतीपुर निवासी अयोध्या प्रसाद (50) की तटबंध टूटने से डूबकर मौत हो गई थी। घटना के कुछ देर बाद ही जल पुलिस और एसडीआरएम ने उसका शव बरामद कर लिया था।
22 मार्च: बूम घाट पर अलीगढ़ निवासी 18 वर्षीय अभिषेक डूबा है जो अब तक नहीं मिल पाया है।
27 मार्च: सेल्फी लेेते वक्त पैर फिसलने से बरेली के दो सगे भाई शारदा नदी में डूब गए।
सेल्फी और स्नान के लिए जोखिम वाले कुछ स्थानों पर जाने से लोगों को रोकने के लिए पुलिस कर्मी तैनात किए हैं। रास्तों पर टिन भी लगाए गए हैं लेकिन लोग दाएं-बाएं से निकलकर जोखिम वाले स्थानों पर जा रहे हैं। रामनगर में हो रहे जी-20 सम्मेलन के कारण नैनीताल जिले का फोर्स नहीं मिला है। चंपावत जिले और मेले से फोर्स जी-20 के लिए भेजना पड़ा है। -अविनाश वर्मा, सीओ।