चंपावत। निदेशालय पंचायतीराज उत्तराखंड ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2026 के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिले में उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए हर वर्ष ये पुरस्कार देता है। इस वर्ष पुरस्कार दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार और नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार श्रेणियों में दिए जाएंगे। चयन मूल्यांकन वर्ष 2023-24 के पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के आंकड़ों और प्राप्त स्कोर पर आधारित होगा, इसमें फील्ड वेरिफिकेशन, नवाचार, विकास कार्यों की गुणवत्ता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के वीडियो का राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षण होगा। डीएम ने प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और गुणवत्तापरक बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए ताकि पात्र पंचायतों को राष्ट्रीय पहचान मिले। संवाद