चंपावत। स्नातक स्तरीय परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर हुंकार भरी है। चंपावत के अलावा पिथौरागढ़, टनकपुर, हल्द्वानी से आए अभ्यर्थियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में ज्ञापन दिया। साथ ही गोरलचौड़ मैदान में सांकेतिक प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदमों से उन्हें इंसाफ की उम्मीद है। उन्होंने जल्द से जल्द न्याय की गुहार लगाई है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की चार और पांच दिसंबर 2021 को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा में इस साल सात अप्रैल को 916 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था लेकिन परीक्षा में धांधली के बाद चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति को रोक दिया गया। अभ्यर्थियों ने ईमानदारी से परीक्षा पास करने वालों को नियुक्ति देने और गलत रास्ते से चयनित अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखाने का आग्रह किया है।
ज्ञापन देने वालों में गोधन सिंह बिष्ट, सुमित राय, नरेंद्र सिंह पापड़, लवराज रितकोटिया, पंकज सिंह मर्तोलिया, मनीषा चुफाल, संजय कुमार भट्ट, उषा कोश्यारी, विनीता तड़ागी, अंजू बिष्ट, मीनाक्षी, कामना मनराल आदि शामिल थे।
हमें मुख्यमंत्री से उम्मीद है कि वे मेहनत से चयनित अभ्यर्थियों का अहित नहीं होने देंगे। सरकार से प्रार्थना है कि जल्द से जल्द हल निकाल और हमारे साथ इंसाफ करें। -मनीषा चुफाल, पिथौरागढ़।
परीक्षा रद्द न हो बल्कि गलत तरीके से चयनित अभ्यर्थियों को बाहर करने के साथ कार्रवाई हो। ईमानदारी से परीक्षा देने वालों को नियुक्ति करने का सरकार आश्वासन दे। -संजय भट्ट, खेतीखान।
सरकार की तरह हम सभी भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं लेकिन ईमानदारी से परीक्षा देने वालों को सजा क्यों मिले? एसटीएफ जल्द से जल्द जांच पूरी कर न्याय करें। -मीनाक्षी पंत, हल्द्वानी।
रुपये देकर चयनित अभ्यर्थियों की पहचान कर छंटनी हो। उन्हें सजा मिले और नकल कराने वाले गिरोह को पकड़ा जाए। साथ ही ईमानदारी से परीक्षा पास करने वालों को नियुक्त किया जाए। -अंजू बिष्ट, टनकपुर।
परीक्षा की पवित्रता कायम की जाए। एसटीएफ अच्छा काम कर रही है। राज्य में पहली बार बेहतरीन जांच हो रही है। उम्मीद है कि दोषियों को सजा मिलेगी और ईमानदार अभ्यर्थियों को उनका हक। -दीपक, चंपावत।