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नाले में बह गई स्कूल बस, शीशा टूटने से बची चालक- हेल्पर की जान

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टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग पर नायकगोठ रोखड में बेकाबू हो लुढ़की स्कूल बस। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। बच्चों को लेने जा रही निजी स्कूल की बस मंगलवार सुबह पूर्णागिरि मार्ग पर नायकगोठ के पास रोखड़ (नाले) में बह गई। शीशा टूटने पर बस के चालक और हेल्पर ने किसी तरह बाहर निकलकर जान बचाई। दोनों को मामूली चोटें आई हैं।
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मंगलवार सुबह चल्थी क्षेत्र में हुई बारिश होने से उफनाए किरोड़ा नाला अचानक उफान पर आ गया। बच्चों को स्कूल लाने के लिए जा रही बस पूर्णागिरि मार्ग पर नायकगोठ के पास उफनाते नाले में फंस गई। पानी का बहाव इतना तेज था बस लुढ़कने के बाद करीब 40 फीट दूर तक बह गई।
बस के आगे का शीशा टूटने पर चालक कमलेश सार्की और हेल्पर योगेश चंद्र पंत किसी तरह बाहर निकल आए। नाले के दोनों तरफ खड़े लोगों ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया। मामूली चोट लगने के कारण दोनों को अस्पताल ले जाया गया। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में जेसीबी की मदद से बस को बाहर निकाला गया।
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पूर्णागिरि मार्ग पर पहला नाला पार करने के बाद दूसरा उफान पर था। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर चालक को बस लेकर वापस आने को कहा गया था। वापसी में पहला नाला भी उफान पर आ गया। बस में बच्चे नहीं थे। बड़ा हादसा बच गया।
- धर्मेंद्र चंद, स्कूल प्रबंधक
नायकगोठ-थ्वालखेड़ा पुल का शुरू नहीं हो सका काम
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मार्ग पर जहां स्कूल बस बही है उससे कुछ दूरी पर नायकगोठ-थ्वालखेड़ा पुल का काम लंबे समय से अटका है। पिछले साल सितंबर में सीएम पुष्कर सिंह धामी के एलान के बाद भी पुल का काम शुरू नहीं हो सका है। जून से सितंबर तक शारदा नदी और किरोड़ा नाले से आने वाले नाले के उफान से आवाजाही प्रभावित होती है। 826 की आबादी वाले थ्वालखेड़ा ग्राम पंचायत के दो गांव थ्वालखेड़ा और खेतखेड़ा बरसात में टापू बन जाते हैं। शारदा और किरोड़ा नाले से ये क्षेत्र कई बार अलग-थलग पड़ जाते हैं। किरोड़ा नाले से क्षेत्र के काफी लोगों की जमीन कट चुकी है।
पूर्णागिरि मार्ग पर खतरा बनते हैं तीन नाले
टनकपुर। पूर्णागिरि मार्ग पर नायकगोठ, गैडाखाली और थ्वालखेड़ा नाले हैं। बरसात में ये तीनों नाले खतरा बन जाते हैं।
निजी स्कूल में ऊचौलीगोठ, गैडाखाली, थ्वालखेड़ा, खेतखेड़ा आदि गांवों के 75 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इन छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से दो बसें लगाई गई हैं। 42 सीटर यह बस छोटे बच्चों को लेने के लिए गई थी।
यहां भी हुआ था हादसा
-आठ अप्रैल को रीठा साहिब में एक स्कूल की जीप के लुढ़कने से आठ छात्र-छात्राएं चोटिल हुईं थीं।
नायकगोठ-थ्वालखेड़ा पुल को मंजूरी मिल चुकी है। 135 मीटर लंबा और 5.50 मीटर चौड़ाई के पुल का निर्माण पिटकुल करेगा। पिटकुल इसकी डिजाइन तैयार कर रहा है। डिजाइन पूरी होने के बाद डीपीआर और आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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-विभोर गुप्ता, ईई, लोनिवि, चंपावत।
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