टनकपुर (चंपावत)। सरस आजीविका मेले की स्टार नाइट में कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुति से समा बांधा। हल्द्वानी के आंचल कला केंद्र के कलाकारों ने फूलों की होली और मयूर नृत्य पेश कर दर्शकों की वाह-वाही लूटी। पांडवास बैंड की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगाए। वयोवृद्ध लोकगायक नैन नाथ रावल, चंद्र प्रकाश, मनोज आर्या, बेबी प्रियंका ने शानदार प्रस्तुति दी। लोकगायक नैन नाथ रावल को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया।
उन्होंने अल्मोड़ा बाजार कमला, दारमा घाटा शौका बसे, मधुली हिट हिट, पारा भीड़ा बुरुसी सहित कई गीतों की प्रस्तुति दी। चंद्र प्रकाश ने में कछु कमला, पहाड़ो ठंडो पानी जैसे गीतों से समा बांधा। मनोज आर्य ने इत्ति टनकपुर, तू नेह जाली मेता गीत पेश किए। गायिका बेबी प्रियंका ने मोहना मोहना, मनलगी गयो जैसे कई गीतों से मंत्रमुग्ध किया।
देहरादून से आए पांडवाज ग्रुप ने गजीना तवे देखी, फुलारी जैसे गीतों से दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण के कलाकारों ने भी एक से बढ़कर एक गीत सुनाए। संचालन में हेमंत बिष्ट, नरेश राय, भैरव दत्त राय और राकेश खनवाल ने किया।
एक भारत-श्रेष्ठ भारत के तहत हुए कार्यक्रम
टनकपुर। मेले में एक भारत-श्रेष्ठ के तहत शिक्षा विभाग ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। जिला शिक्षा अधिकारी एके गुसाई ने बताया कि एक भारत-श्रेष्ण भारत कार्यक्रम 2015 में शुरू हुआ जो भारत के पहले गृह मंत्री और स्वतंत्रता सेनानी सरदार बल्लभ भाई पटेल के जीवन से प्रेरित होकर राष्ट्रीय एकता के उद्देश्य से शुरू हुआ। इसका उद्देश्य देश के राज्यों को संस्कृति, परंपरा, भाषा आदि से एक-दूसरे से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इसके लिए शिक्षा मंत्रालय ने उत्तराखंड और कर्नाटक राज्य को भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत के आदान-प्रदान के लिए चयनित किया है। इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक कार्यक्रम पेश किए।