टनकपुर (चंपावत)। रॉयल्टी की नई दरें तय होने के बाद खनन की तैयारी से कारोबारी खुश तो हैं लेकिन खनन विभाग के नए नियम ने खनिज भंडारण करने वाले कारोबारियों को मायूस कर दिया है। नए नियम के तहत अब स्टॉक में भंडारण किया खनिज न तो स्टोन क्रशर को बेचा जा सकता है और न ही किसी अन्य वैध स्टॉक में। ऐसे में भंडारणकर्ता कारोबारी को अब अपना खनिज रिटेल में ही बेचना होगा। ऐसी स्थिति में भंडारणकर्ता कारोबारियों के सामने कारोबार चलाना मुश्किल होगा।
कारोबारियों का कहना है कि खनन विभाग ने पहले स्टॉकिस्ट को आरबीएम, रेत, बजरी, बोल्डर आदि खनिज खुले बाजार में बेचने की अनुमति दी। इस कारण कारोबार से जुड़े स्टॉकिस्ट ने खनिज भंडारण शुरू किया तो अब सरकार ने नए नियम जारी कर आरबीएम और बोल्डर को स्टॉक से स्टॉक में और क्रशर में बेचने पर रोक लगा दी है। इस नए नियम से जहां कारोबारियों की रोजी-रोटी पर संकट हो गया है, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एक स्टॉक से दूसरे स्टॉक में खनिज बेचने पर पाबंदी सरकार का अच्छा कदम है। इससे रॉयल्टी चोरी से होने वाले राजस्व का नुकसान रुकेगा लेकिन क्रशर में बिक्री पर रोक से स्टॉकिस्ट का कारोबार चौपट हो जाएगा। स्टॉक से क्रशर में बिक्री पर रोक हटाई जानी चाहिए। इस संबंध में जल्द ही कारोबारियों का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिलने जाएगा। - योगेंद्र सिंह ज्याल योगी, खनन व्यवसायी।
स्टॉक में डंप खनिज को स्टोन क्रशर में बेचने पर लगाई गई रोक से खनन कारोबार प्रभावित होगा। यह नया नियम कारोबारियों के हित के विपरीत है। स्टॉक से स्टॉक में बिक्री पर रोक तो ठीक है लेकिन क्रशर में बेचने पर लगाई गई रोक हटाई जानी चाहिए। - महेश सिंह, खनन व्यवसायी।
स्टॉक से स्टॉक में और स्टॉक से स्टोन क्रशर में खनिज बेचने पर पाबंदी निदेशालय की ओर से लगाई गई है। यह नियम निदेशालय से सॉफ्टवेयर में भी अपलोड कर दिया गया है लेकिन फिलहाल ऐसा लिखित आदेश नहीं मिला है। - दिनेश कुमार, खनन अधिकारी, चंपावत।