बाराकोट में प्रतिनिधियों अैर उद्यमियों से मंत्रणा करते उत्तराखंड ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग
चंपावत। उत्तराखंड के ग्राम्य विकास और पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाने जरूरी हैं। बाराकोट और पाटी में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को मजबूत कर महिलाओं को सशक्त बनाने के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियां बढ़ाई जा सकती हैं। ब्लॉक प्रमुख विनीता फत्र्याल ने कहा कि लघु उद्यमों के अलावा गांवों में खेती, पशुपालन, बागवानी, मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित कर महिलाओं को नए अवसर दिए जा सकते हैं।
आयोग के उपाध्यक्ष ने उद्यमियों और समूह के प्रतिनिधियों से पलायन की रोकथाम के लिए सुझाव भी मांगे। उद्यमियों ने मौनपालन, लाल चावल, अदरक उत्पादन, आंवला कैंडी, बुरांश का जूस, नमकीन, मोमबत्ती निर्माण, पिरूल से निर्मित उत्पादों की बिक्री की कारगर व्यवस्था का आग्रह किया। पम्दा के समूहों ने मुर्गीपालन में हो रही दिक्कतों के निवारण का आयोग के उपाध्यक्ष नेगी से आग्रह किया।
क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी जसवंत सिंह खड़ायत के संचालन में हुए कार्यक्रम में ज्येष्ठ उप प्रमुख नंदा बल्लभ बगौली, पीडी विम्मी जोशी, प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजू अधिकारी, पलायन आयोग सदस्य जीएस खाती, बीडीओ खजान चंद्र जोशी आदि मौजूद थे।