फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरक्षा दीवार ढही, खतरे में स्याला-पोथ सड़क

विज्ञापन
किचला के पास सुरक्षा दीवार ढहने से खतरे की जद में आई स्याला-पोथ सड़क। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : TANAKPUR
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। स्याला-पोथ सड़क बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। किचला के पास सुरक्षा दीवार ढहने से इस सड़क पर खतरा बढ़ गया है। इस ग्रामीण सड़क पर आवाजाही भी जोखिमभरी हो रही है। नागरिकों ने सुरक्षा दीवार बनाने और बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन

श्यामलाताल क्षेत्र में स्याला-पोथ सड़क पर किचला के पास पिछले सप्ताह ढही सुरक्षा दीवार के बाद से लगातार भूकटाव बढ़ रहा है। इससे मार्ग पर आवाजाही थमने के साथ सड़क के ध्वस्त होने का खतरा बढ़ गया है। पिछले साल सड़क पर डामर और सुरक्षा दीवार बनाई गई थी लेकिन इस बार पहली बारिश के बाद ये सुरक्षा दीवार गिर गई। ग्रामीण पान सिंह, जशोद सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने जल्द से जल्द बचाव के उपाय करने की मांग की है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने सड़क की कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई से सड़क की सुरक्षा दीवार बनाने और अन्य बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
चंपावत जिले में बारिश का आंकड़ा
चंपावत 3 मिलीमीटर
बनबसा 9 मिलीमीटर
कांडा में होगा आपदा प्रभावित चार परिवारों का विस्थापन
चंपावत। बिसौरिया नाले से होने वाले भूस्खलन से खतरे की जद वाले बांजा तोक के चार परिवारों का कांडा गांव में विस्थापन किया जाएगा। अब तक ये परिवार दूसरी जगह रहने के लिए मजबूर थे। इसे लेकर शुक्रवार को सहायक भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम ने कांडा गांव में ग्रोथ सेंटर के पास दी जानी वाली भूमि का परीक्षण किया। भू वैज्ञानिक ने इस भूमि को आपदा से सुरक्षित बताया है।
विज्ञापन

पिछले साल अक्तूबर में हुई अतिवृष्टि में सियाला ग्राम पंचायत के बांजा तोक के देव सिंह, बिशन सिंह, नवीन सिंह, जगत सिंह के मकान खतरे की जद में आ गए थे। प्रशासन ने एहतियातन चारों परिवारों को सियाला ग्राम पंचायत के खुल्ली और पपनीपाड़ी में शिफ्ट कर दिया था लेकिन अब इन इलाकों में भी कटाव के कारण खतरा होने से प्रशासन ने यहां से सुरक्षित जगह विस्थापन की सिफारिश की। इसी क्रम में शुक्रवार को टनकपुर की पिंकी रानी, राजस्व उप निरीक्षक प्रतिभा जोशी, ग्राम प्रधान जगदीश ने कांडा में इन चारों परिवारों को विस्थापन के लिए आवंटित होने वाली कुल दो नाली भूमि का निरीक्षण किया। भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने भूगर्भीय दृष्टि से भूमि को सुरक्षित बताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें