चंपावत। दियूरी-चल्थी सड़क के संयुक्त सर्वे के लिए गई राजस्व, वन और लोक निर्माण विभाग की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने पूर्व में सर्वे ठीक से नहीं करने का आरोप लगाते हुए टीम को सर्वे नहीं करने दिया।
लोनिवि के एई एसके दीक्षित, वन दरोगा चतुर सिंह और राजस्व उप निरीक्षक अनुज उप्रेती मंगलवार को दियूरी-चल्थी सड़क के सर्वे के लिए मौके पर पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों ने सर्वे वाली टीम का विरोध किया। ग्रामीणों की दलील थी कि लोनिवि के सर्वे से चौड़ा अरोड़ी गांव सड़क से नहीं जुड़ रहा है। साथ ही मौजूदा समरेखन में गांव के पास की भारी-भरकम चट्टान को काटा जाना है। ऐसा करने से इस चट्टान के करीब के गांव को भारी नुकसान होने का खतरा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस चट्टान को छेड़े बगैर सड़क की कटिंग की जानी चाहिए।
क्षेत्र के लोगों ने डीएम से हस्तक्षेप करने की मांग की
चंपावत। निविदा और अनुबंध गठित होने के बावजूद दियूरी-चल्थी सड़क का काम शुरू नहीं हो सकेगा। सर्वे में भिन्नता से सड़क का काम लटक गया है। इस कारण लोक निर्माण विभाग को अब इस प्रक्रिया को फिर से शुरू करना होगा। लोगों ने बुधवार को सड़क के काम में देरी पर ऐतराज जताते हुए डीएम से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
बीडीसी सदस्य सुंदर सिंह बोहरा के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के लोग वर्षों से इस सड़क के लिए संघर्ष करते रहे। सड़क की स्वीकृति के बाद सारी प्रक्रिया होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र दे अड़चन दूर करवा निर्माण शुरू करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में सुरेश जोशी, रमेश जोशी, हिमांशु जोशी, गौरी दत्त आदि शामिल थे। उधर डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने लोनिवि के ईई को अड़चन दूर कर क्षेत्र की सुविधा को देखते हुए जल्द से जल्द सड़क का काम शुरू करने के निर्देश दिए।
दो साल पहले मिली थी मंजूरी
2.45 करोड़ रुपये लागत वाली दियूरी-चल्थी सड़क को दो साल पहले मंजूरी मिल थी। पिछले साल अक्तूबर में निविदा और अनुबंध भी पूरा हो गया था। इससे कोट अमोड़ी, दियूरी, नैक्यूना, बमन्यूड़ा, बगेड़ी, आगर, अमौन और हेडिंगा गांव सड़क से जुड़ेंगे। साथ ही एनएच पर धौन से बेलखेत तक 20 किमी के हिस्से में मलबा आने से इस सड़क से आवाजाही का विकल्प बना रहेगा।
निविदा के बाद काम लटकने की ये है वजह:
- दियूरी-चल्थी सड़क की 9.11 किमी लंबाई शासन से मंजूर है। लेकिन लोनिवि की ओर से वन अनापत्ति की पत्रावली में सड़क की लंबाई 7.50 किमी है।
2. वन विभाग से मिली अनापत्ति का समरेखन और लोनिवि की ओर से हुई निविदा के समरेखन में अंतर है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से जिस समरेखन की अनापत्ति ली गई है, उसी स्थान से निर्माण कार्य कराया जा सकता है। अनापत्ति वाले समरेखन और लोनिवि की ओर से सड़क के काम के लिए किए गए समरेखन में अंतर है। इस अंतर को दूर करने के बाद ही काम शुरू कराया जा सकता है।
आरसी कांडपाल, डीएफओ, चंपावत।
दियूरी-चल्थी की सड़क की अड़चन को दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। समरेखन विवाद को स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर दूर किया जाएगा। जबकि वन अनापत्ति के लिए जरूरी हुआ, तो फिर से पत्रावली तैयार की जाएगी।
बीसी पंत, ईई, लोनिवि, चंपावत।