रीठा साहिब (चंपावत)। लधिया घाटी क्षेत्र के रीठा साहिब और आसपास के कई गांवों में मौसमी बुखार (वायरल) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। औसतन रोवाना 40 रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं अस्पताल में एक सप्ताह से फार्मासिस्ट के नहीं होने से भी परेशानी बढ़ रही है।
अस्पताल के डॉ. मयंक डिमरी का कहना है कि अस्पताल आने वाले लोगों में अधिकांश रोगियों में बुखार, सर्दी जुकाम, बदन दर्द की शिकायत मिल रही है। ग्रामीणों को दवा देने के अलावा उबला पानी पीने, ठंड से बचने की सलाह के साथ एहतियाती उपाय भी बताए जा रहे हैं। वहीं पाटी की प्रभारी चिकित्साधिकारी गुरुशरण कौर का कहना है कि फार्मासिस्ट के अनुपस्थित रहने की उन्हें जानकारी नहीं है। फार्मासिस्ट का जवाब तलब किया जाएगा।
ये सावधानियां बरतें :
पसीना आने पर हवा से बचाव करें।
ठंडे पेय पदार्थ और खानपान से बचाव करें।
खांसी और छींक आने पर मुंह में कपड़ा रखें।
मौसम के अनुरूप कपड़े पहनें।
उबला पानी और ताजा खाना खाएं।
वायरल का असर सबसे ज्यादा कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बदलते मौसम के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए सचल अस्पताल की मदद ली जा रही है।
- डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।