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बारिश से पूर्णागिरि धाम के पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त

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मां पूर्णागिरि धाम में बारिश से क्षतिग्रस्त रास्तों का निरीक्षण करते लोनिवि के अपर सहायक अभियंत - फोटो : CHAMPAWAT
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पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। आस्था के धाम मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दिनों की भारी बारिश से धाम के कई पैदल रास्ते बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। बुधवार को मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया।
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समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने बताया कि मंदिर के पैदल हिस्से में भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर के बीच कटौजिया में मलबा आने से रास्ते को खतरा होने के साथ मार्ग संकरा हो गया है। इससे आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। साथ ही कई जगह रास्तों में दरार भी आ गई हैं। इसके मद्देनजर बुधवार को लोनिवि के अपर सहायक अभियंता तनुजा देव ने मौका मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया। कहा कि मलबा हटा रास्ता सुचारु करने के साथ जल्द से जल्द मरम्मत कार्य भी कराया जाएगा।
16 पेयजल योजनाओं को मरम्मत का इंतजार
चंपावत। चंपावत जिले की 16 (जल निगम की चार और जल संस्थान की 12) पेयजल योजनाएं अभी भी खराब है। इस वजह से कई जगह लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। जल संस्थान के ईई विलाल यूनुस का कहना है कि संस्थान ने चार योजनाओं की मरम्मत करा दी है। शेष 12 योजनाओं की मरम्मत के लिए टीमें लगी हैं। वहीं जल निगम के ईई वीके पाल का कहना है कि निगम की चारों योजनाओं को एक हफ्ते में ठीक करा दिया जाएगा।
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अंधेरे में हैं चंपावत जिले के 16 गांव
चंपावत। भारी बारिश के चलते चंपावत जिले की बिजली आपूर्ति अभी पटरी पर नहीं आ सकी है। जिले में 16 गांव अभी भी अंधेरे में हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। इन क्षेत्रों में बिजली के खंभे और तार टूटे हैं। ऊर्जा निगम के चंपावत खंड के ईई एसके गुप्ता का कहना है कि कई जगह रास्ते बंद होने से लाइनों को ठीक करने में दुश्वारी आ रही है। निगम जल्द व्यवस्था सुचारु करने का प्रयास कर रहा है।
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ठप है इन 16 गांवों की बिजली आपूर्ति
रमक, वारसी, मंगलेख, भिंगराड़ा, मूलाकोट, डांडा, ककनई, बकोड़ा, बजौन, सौराई, फर्तोला, आमनी, रमेला, बगेड़ी, रियांसी बमनगांव।
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