स्वास्थ्य विभाग में दायित्वों के प्रति कितनी लापरवाही बरती जाती है, उसका नमूना यहां बहादुर सिंह मेहता की दुकान में देखने को मिलता है। इनकी दुकान में 21 फरवरी को पल्स पोलियो दिवस के अवसर पर शाम को दो पोलियो बॉक्स रखे थे, जिनका अब तक कोई सुधलेवा नहीं है।
मेहता का कहना है कि बॉक्स रखने के बाद कोई उनके बारे में पूछने तक नहीं आया है, जबकि दोनों बॉक्सों में पोलियो वैक्सीन अब भी पड़ी हैं। एक बॉक्स में बूथ संख्या 34 पारस, सुपरवाइजर का नाम मंजू जोशी लिखा है, जबकि दूसरे बॉक्स में बूथ संख्या 19 तथा सुपरवाइजर का नाम योगेश कनौजिया लिखा है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.आभाष सिंह का कहना है कि पल्स पोलियो अभियान समाप्त होते ही सभी बॉक्स अस्पताल में जमा कर दिए गए थे। यदि किसी ने ऐसी लापरवाही की है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।