चंपावत। अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही कॉपी- किताबें खरीदने के लिए पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर भारी भीड़ लगी है। निजी स्कूलों से संबंधित किताबों में पिछले साल की अपेक्षा 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इन स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को चलाया तो जा रहा है, लेकिन निजी प्रकाशकों की संदर्भ पुस्तक के रूप में दूसरी किताबें भी लगाई गई हैं जिनकी कीमत एनसीईआरटी की किताबों से तीन गुना तक है।
अभिभावकों के मुताबिक 12 वीं की विज्ञान की एनसीईआरटी की सभी किताबें 1105 रुपये में मिल रही हैं, लेकिन इन विषयों की संदर्भ पुस्तक खरीदने पर 2900 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। चंपावत के प्रमुख पुस्तक विक्रेता श्याम नारायण पांडेय और मुकुल पांडेय ने बताया कि एनसीईआरटी की पुस्तकें पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।
दो सप्ताह में छात्रों के हाथ में होंगी पुस्तकें
चंपावत। सरकारी स्कूलों के सभी छात्र-छात्राओं को निशुल्क पुस्तकें मिलेंगी। अभी मुख्यालय से पुस्तकें जिलों में नहीं पहुंची हैं। सीईओ आरसी पुरोहित ने बताया कि पहली कक्षा से इंटरमीडिएट तक के 39 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को अगले दो सप्ताह में पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी। न्याय पंचायत वार किताबें पहुंचाने के लिए व्यवस्था की जा रही है।