सुरेंद्र राज लडवाल
पाटी (चंपावत)। महंगे टमाटर ने आम लोगों को बेहाल किया है लेकिन टमाटर की इन्हीं ऊंची कीमतों ने किसानों के चेहरे की चमक बढ़ा दी है। खासकर सबसे अधिक उत्पादन करने वाले पाटी ब्लॉक के पटनगांव के किसानों को खासा लाभ हो रहा है। इस बार उन्हें पिछले साल की अपेक्षा तिगुने से अधिक कीमत मिल रही है।
पाटी का पटनगांव टमाटर के लिए प्रसिद्ध है। मोहन सिंह ने वर्ष 2007 से इसकी शुरुआत की। बीज और स्थानीय खाद के अलावा कीटनाशक के कम प्रयोग से यहां के टमाटर पूरी तरह जैविक है। मांग और मुनाफा बढ़ने पर यहां तेजी से खेती का रकबा बढ़ा। अभी दो हजार नाली से अधिक क्षेत्र में टमाटर की खेती होती है। इन दिनों यहां टमाटर खरीदने के लिए हल्द्वानी, काशीपुर, बरेली, खटीमा आदि क्षेत्रों से कई कारोबारी आ रहे हैं। वह 65 रुपये किलो की दर से करीब 55 क्विंटल टमाटर खरीद चुके हैं जबकि पिछले साल यहां टमाटर की कीमत 15 से 20 रुपये किलो तक थी।
चंपावत जिले में 420 हेक्टेयर क्षेत्र में होती है खेती
पाटी (चंपावत)। चंपावत जिले में पहाड़ और मैदान दोनों जगह टमाटर की खेती होती है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय का कहना है कि चंपावत जिले में 420 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती होती है। इसमें 3,700 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है।
पटनगांव में टमाटर हब के रूप में विकसित हो रहा है। अब यहां का हर परिवार टमाटर की खेती कर रहा है। जैविक टमाटर से इस क्षेत्र का दूरदराज तक नाम है। - मोहन सिंह।
पिछले वर्ष तक टमाटर की कीमत नहीं मिलती थी जिससे मुनाफा नहीं होता था लेकिन वर्षों बाद पटनगांव के किसानों को टमाटर का अच्छा दाम मिल रहा है। - महेश चंद्र।
टमाटर की बिक्री से लोगों को रोजगार मिला है। क्षेत्र की कारोबारी गतिविधियां बढ़ रहीं हैं। अब यहां से प्रेरित होकर आसपास के किसान भी टमाटर उगा रहे हैं। - भुवन।
इस बार टमाटर का अच्छा दाम मिल रहा है लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकारी तौर पर बिक्री की व्यवस्था की जानी चाहिए। - भैरव, टमाटर उत्पादक।