टनकपुर (चंपावत)। गृह युद्ध से जूझ रहे सूडान से नगर के गिरीश गड़कोटी भारत सरकार के आपरेशन कावेरी की मदद से रविवार को सुरक्षित घर लौट आए हैं। उनके सुरक्षित लौटने से परिवार में जश्न का माहौल है। गिरीश ने सूडान में फंसे लोगों की सुरक्षित घर वापसी के लिए भारत सरकार की ओर से उठाए गए कदम की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।
नगर के वार्ड संख्या दो चंद कॉलोनी निवासी गिरीश वर्ष 2019 से सूडान के अलजेली में भारतीय कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि सूडान में मुद्रा का अवमूल्यन होने से गृह युद्ध की स्थिति पैदा हुई है। सेना और आरएसएफ के बीच युद्ध से वहां के हालात बहुत खराब हैं। गोली और बमबारी के साथ ही बैंकों आदि में लूटपाट मची है। बताया कि उनकी कंपनी में 250 भारतीय कर्मचारी थे। जब उन्हें भारत सरकार के पोर्ट सूडान से रेस्क्यू की कार्रवाई का पता चला तो वे सात जत्थों में अपने सभी कर्मचारियों को लेकर बस में 850 किमी दूर जेद्दा पहुंचे। इंटरनेशनल इंडियन स्कूल में भारत सरकार की ओर से भोजन और रहने के बेहतर इंतजाम थे।
14 घंटे प्रतीक्षा के बाद उन्हें पोर्ट सूडान पहुंचाया गया। यहां से वह भारतीय जल सेना के समुद्री पोत आइएनएस से जेद्दा पहुंचे। वहां भारतीय वायु सेना का सी-17 लड़ाकू विमान तैयार था। इस विमान में 400 भारतीयों के साथ वे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरे। यहां से कार बुक कर वह सुरक्षित घर पहुंचे। उनके घर पहुंचते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। गिरीश और उनके परिजनों ने मोदी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि संकट के समय सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा में अभूतपूर्व कदम उठाया है।