लोहाघाट के राजकीय पॉलीटेक्निक में बोरवेल खराब होने से हैंउ पंप से पानी भरने को मजबूर छात्र। सं
लोहाघाट (चंपावत)। जिले के सबसे पुराने राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी इन दिनों काफी परेशानी से जूझ रहे हैं। असमंजस ये कि वे पढ़े या पानी ढोएं। यहां के बोरवेल में आई खामी से उन्हें पानी के लिए हैंडपंप या दूसरी जगह से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
वर्ष 1978 में स्थापित पॉलिटेक्निक में वर्तमान में पांच ट्रेड में 350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। छात्रावास में 55 छात्र और 25 छात्राएं रह रही हैं। चार साल पहले पॉलिटेक्निक के लिए बनी पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद वर्ष 2020 में 13 लाख रुपये से नई पेयजल योजना बनाई गई। इस योजना से रोजाना 10 हजार लीटर पानी मिलता था लेकिन 20 दिनों से योजना में खामी के कारण 50 प्रतिशत से कम पानी मिल रहा है।
इसके चलते आवासीय कॉलोनी रहने वाले कर्मचारी भी परेशान हैं। वहीं काफी विद्यार्थी बाहर से पानी ढोने को मजबूर हैं। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर विद्यार्थियों ने बताया पानी की कमी से न केवल उन्हें हैंडपंप से पानी ढोने में रोजाना 50 मिनट से अधिक का समय लग पड़ रहा है बल्कि थकान की वजह से पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। शिक्षा उन्नयन समिति के आरपी ओली, पूर्व ग्राम प्रधान शांति चतुर्वेदी, महेश चंद्र, भुवन चंद्र आदि ने जिला प्रशासन से एक अन्य सोलर हैंडपंप लगाकर पेयजल समस्या का समाधान करने की मांग की है।
पॉलिटेक्निक परिसर में लगे बोरवेल की मोटर खराब होने से पानी का संकट है। मोटर मंगवा ली गई है। जल्द ही इस खामी को दूर कर आपूर्ति को सुचारू कर दिया जाएगा। - गोविंद बल्लभ, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक, लोहाघाट।