पेयजल किल्लत से जूझ रही दिगालीचौड़ क्षेत्र की महिलाएं गधेरों से पानी ढोते हुए।
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लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे दिगालीचौड़ क्षेत्र के लोग पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जल संस्थान की ओर से गांव में एक भी पेयजल योजना नहीं बनाई गई है। इस कारण लोगों को हैंडपंपों, गाड़-गधेरों से पानी ढोकर प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने गांव के लिए पेयजल योजना बनाने की मांग की है।
दीपक जोशी, मुकेश रैंसवाल, कैलाश जोशी, नीलावती देवी, राधा देवी, पार्वती देवी, मंजू देवी आदि का कहना है कि दिगालीचौड़ में पेयजल किल्लत से लोग काफी परेशान हैं। करीब 110 परिवारों वाले दिगालीचौड़ के लोग डेढ़ किमी दूर ब्रह्मा नौले या दो किमी दूर मानाढुंगा से पानी ढोने को मजबूर हैं। गांव की महिलाओं का अधिकतर समय गधेरों से पानी ढोने में ही लग जाता है। महिलाओं ने कहा कि जल संस्थान की ओर से सीमावर्ती क्षेत्र के गांव की उपेक्षा की गई है।
कोट
दिगालीचौड़ में जल संस्थान की कोई पेयजल योजना नहीं है। ग्रामीणों के लिए जल संस्थान की ओर से चार हैंडपंप लगाए गए हैं जो सही काम कर रहे हैं। जल निगम की ओर से दिगालीचौड़ और अन्य गांवों के लिए लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण कराया जा रहा है जिसके टेंडर लगाए गए हैं। -पवन बिष्ट, सहायक अभियंता, जल संस्थान