चंपावत। जिले में तीन दिनों तक हुई लगातार मूसलाधार बारिश के चलते 36 से अधिक ग्रामीण मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए हैं। सड़कों के बंद होने से दुग्ध संघ को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। बीते तीन दिन से डेयरी में पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं पहुंच पा रहा है।
चंपावत जिले में 12 दिसंबर की रात से हुई बारिश ने तबाही मचाई है। एनएच समेत ग्रामीण सड़क मार्ग बंद होने से चंपावत दुग्ध संघ को तीन दिन में पांच लाख रुपये से भी अधिक का नुकसान हुआ है। रविवार को दुग्ध संघ प्रबंधक पुष्कर नगरकोटी ने बताया कि दुग्ध संघ में रोजाना 18 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है लेकिन बारिश होने के चलते सड़कें बंद होने से प्रतिदिन 16 हजार लीटर दूध का नुकसान हो रहा है। बताया कि बीते तीन दिनों में पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो गया है। सड़क बंद होने से पशुपालकों को भी काफी नुकसान हो रहा है।
पांच हजार से अधिक पशुपालकों को नुकसान
चंपावत। जिलेभर में 223 समितियों के पांच हजार से अधिक पशुपालकों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सड़क मार्ग बंद होने से पशुपालक समितियों तक दूध नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जिले में पांच हजार से अधिक महिलाएं पशुपालन से जुड़कर आजीविका चलाती हैं लेकिन बीते तीन दिन से उनकी आजीविका पर भी मानसूनी बारिश आफत बनकर आई है। जल्द सड़क मार्ग नहीं खुलते हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों के हालात और खराब हो जाएंगे।