चंपावत। टनकपुर में रोडवेज के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को काम शुरू होने का इंतजार है। शिलान्यास के तीन माह बाद भी इसका काम शुरू नहीं हो सका जबकि इसके लिए निविदा प्रक्रिया तकरीबन पूरी होने के साथ बजट का आवंटन भी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 जनवरी को टनकपुर में रोडवेज के आईएसबीटी का शिलान्यास किया था। आगणन से लेकर तकनीकी मंजूरी पूरी होने के बावजूद यह काम आगे नहीं बढ़ सका। करीब बहत्तर करोड़ रुपये से बनने वाले स्टेशन के लिए छह करोड़ रुपये मिल चुके हैं। यह रोडवेज की कार्यशाला और जल निगम की जमीन पर बनेगा।
कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के ईई अशोक प्रजापति ने बताया कि फिलहाल कार्यशाला की दस एकड़ जमीन पर निर्माण किया जाना है लेकिन अभी यह कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसका कारण रोडवेज और जल निगम के बीच जमीन की अदला-बदली न हो पाना है। रोडवेज के जीएम पवन मेहरा का कहना है कि जल निगम और रोडवेज के बीच जमीन की अदला-बदली के लिए दोनों विभागों ने टनकपुर के एसडीएम कार्यालय में प्रस्ताव भेज दिए हैं।
आईएसबीटी में खड़ी हो सकेंगी 100 बस
चंपावत। कुमाऊं के सबसे पुराने रोडवेज स्टेशन में से एक टनकपुर में वर्ष 1960 में स्टेशन बना था। तब यहां 12 बस रखने और यात्रियों के विश्राम की जगह थी। टनकपुर का स्टेशन मौजूदा जरूरत के हिसाब से नाकाफी है। इस कारण कार्यशाला और जल निगम की जमीन पर आईएसबीटी बनाया जा रहा है। इस बस टर्मिनल में 100 बसों के पार्क होने की क्षमता समेत प्रतीक्षालय, कैंटीन, हाईटेक शौचालय सहित आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। संवाद
रोडवेज और जल निगम ने भूमि की अदला-बदली के प्रस्ताव दिए हैं। तहसीलदार से दोनों पत्रावलियों का परीक्षण करवा कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसी माह भूमि की अदला-बदली हो जाएगी। - सुंदर सिंह, एसडीएम, टनकपुर।
टनकपुर का रोडवेज बस स्टेशन। संवाद- फोटो : टनकपुर का रोडवेज बस स्टेशन। संवाद