चंपावत/टनकपुर/लोहाघाट। आंगनबाड़ी मिनी कार्यकर्ता, सहायिका संगठन ने पांच सूत्री मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी समस्या से कोई लेना देना है। पिछले कुछ समय से उनकी हड़ताल के कारण आंगनबाड़ी केंद्र बंद चल रहे हैं, लेकिन सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
शुक्रवार को प्रदेश उपाध्यक्ष विमला पनेरू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में एकत्र होकर नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि जिले के 681 आंगनबाड़ी केंद्रों पर लंबे समय से ताले लटके पड़े हैं। कार्यकर्ता 600 रुपये प्रतिदिन मानदेय, सेवानिवृत होने पर दो लाख रुपये, टेक होम राशन ढुलान को केंद्र तक पहुंचाने की धनराशि, विभागीय कार्यों के लिए यात्रा भत्ता दिए जाने, पोषण टेकर के लिए मोबाइल फोन दिए और रिचार्ज किए जाने आदि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में शशिप्रभा, निता आर्या, दीपा बिष्ट, हेमा जोशी, हेमा बोहरा, दीपा ज्योति, रविना गड़कोटी, भुवनेश्वरी बिष्ट, राजेश्वरी पांडे आदि शामिल रहीं।
लोहाघाट में जिलाध्यक्ष मीना बोहरा और बाराकोट ब्लाॅक अध्यक्ष दमयंती वर्मा के नेतृत्व में ब्लाॅक उपाध्यक्ष अनीता, रेनू देवी, दीपा मेहता, आशा देवी, लक्ष्मी देवी, हेमा बिष्ट, शांति देवी, नंदी देवी आदि कार्यबहिष्कार पर रहीं। संवाद
मानदेय 18 हजार कराने की मांग उठाई
टनकपुर(चंपावत)। आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका, कर्मचारी संगठन ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर कड़ा रोष जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर तत्काल मानदेय 18 हजार रुपये मासिक कराने समेत पांच सूत्रीय मांगों को उठाया। साथ ही कार्रवाई न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। यहां ब्लाक अध्यक्ष गीता चंद्र, गोविंदी पंत, नीरू, ममता जोशी, जानकी जोशी, निर्मला बोहरा, राधा देवी, अनीता मर्तोलिया, जानकी भटट, भगवती देवी शामिल रहीं। संवाद
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
थल (पिथौरागढ़)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं चार सूत्री मांगों के लिए कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने जल्द मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को थल में धरने में बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय, सेवानिवृत्त होने पर पांच लाख की आर्थिक सहायता देने, सेवाकाल के हिसाब मानदेय देने और गोल्डन कार्ड जारी करने की मांग की। उन्होंने जल्द मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर दीपा कन्याल, मोहनी पांगती, नंदी मेहता निर्मला कन्याल, जीवंती जंगपांगी, गंगा कार्की, दीपा बोरा, श्वेता उप्रेती, मुन्नी अवस्थी, रेखा नेगी, देवकी बोरा मौजूद रहीं। संवाद