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Champawat News: खोल दे माता खोल भवानी धरम केवाड़...

Tue, 29 Aug 2023 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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मानेश्वर के भरछाना में गौरा महेश को विदाई देती महिलाएं। संवाद
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लोहाघाट (चंपावत)। नगर सहित गुमदेश, बाराकोट में गौरा महोत्सव की धूम मची हुई है। महिलाओं की ओर से पारंपरिक परिधान में सजधज कर मां गौरा महेश्वर की पूजा अर्चना की जा रही है। लोहाघाट के दूरस्थ नेपाल सीमा से लगे जिंडी, सुई, नौमाना, सुनकुरी, नरसों, लुपड़ा में भी गौरा पर्व की धूम मची हुई है।
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नेपाल सीमा क्षेत्र की महिलाओं और पुरुषों ने कृष्ण जन्म, कौरव पांडव, महाभारत की कथा पर आधारित गीतों का गायन किया। जिसमें युद्धिष्ठिर करले विचार, तन युद्धिष्ठिर धर्मका पुत ले, जोश खिला नानि धोती भैछो पैरी हाली रेशमी धोती आदि गीतों का गायन कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इधर, बाराकोट के नौमाना गांव में भी गौरा महोत्सव की धूम मची है। क्षेत्र में चाली, धुमारी, झोड़ा, चांचरी गीतों की धूम मची है। जिंडी गांव के गौरा मंदिर में पुरोहित मदन कलौनी ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस दौरान पुष्पा कलौनी, रीता देवी, हेमा देवी, हेमा देवी, पार्वती देवी, दीपा देवी, सुनीता देवी, निशा देवी, सीमा देवी, रेखा देवी, नीमा, सतीश पांडेय, राजू गड़कोटी, पुष्कर सिंह बोहरा, मोनू बिष्ट, भीम पंत आदि मौजूद रहे।
इधर, मानेश्वर के भरछाना के राधा कृष्ण मंदिर में महोत्सव के समापन पर महिलाओं ने मां गौरा और महेश को विदाई दी। पंडित रेवाधर कलौनी के दिशा निर्देशन में महिलाओं ने गौरा दीदी तू जाली पंयाला घर बैना हम कसि कै रूंला, खोल दे माता खोल भवानी धरम केवाड़ आदि झोड़ों का गायन कर गौरा.महेश को विदाई दी। इस दौरान जानकी देवी, नीलम, दीपा देवी, गौरी देवी, सुनीता, सोनी, दीक्षा, जगदीश कलौनी, गिरीश कलौनी, केदार कलौनी आदि मौजूद रहे।
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