टनकपुर/लोहाघाट (चंपावत)। डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस, रोजमर्रा की खाद्य सामग्री के बाद शनिवार से सार्वजनिक और प्राइवेट वाहनों में सफर करना महंगा हो गया है। चंपावत जिले में रोजाना तीन हजार से अधिक लोग आवाजाही करते हैं।
पहाड़ी जिले चंपावत का अधिकतर हिस्सा पहाड़ी है। टनकपुर को छोड़ समूचे पर्वतीय इलाकों में आवाजाही का एकमात्र जरिया रोडवेज और जीप-टैक्सी हैं। चंपावत-पिथौरागढ़ जिले में बस सेवा के हाल पहले से खस्ता हैं। बसों की फिटनेस की समस्या से लेकर स्टाफ की कमी का खामियाजा भी यात्रियों को भुगतना पड़ता है। अब किराया बढ़ने से रोडवेज यात्रियों पर दोहरी मार पड़ेगी। रोडवेज बसों में 15 प्रतिशत से लेकर 27 प्रतिशत तक की किराया बढ़ोतरी की गई है। वहीं जीप-टैक्सी में भी सफर महंगा हो गया है।
रोडवेज बसों के किराये की पुरानी और नई दरें (रुपये में):
लोहाघाट से चंपावत: 30 - 35
लोहाघाट से टनकपुर: 165- 200
लोहाघाट से देहरादून: 710- 820
लोहाघाट से गुरुग्राम: 685- 750
लोहाघाट से दिल्ली: 645- 710
लोहाघाट से ऋषिकेश: 645-755
लोहाघाट से हरिद्वार: 610- 705
लोहाघाट से हल्द्वानी: 305-385
लोहाघाट से रीठा साहिब: 115- 140
किराया बढ़ाने का निर्णय गलत है। एक ओर महंगाई और बेरोजगारी ने लोगों की तकलीफ बढ़ाई है और अब बसों से लेकर जीप-टैक्सी के किराये में बढ़ोतरी नई मुसीबत बन रही है। किराया वृद्धि वापस ली जानी चाहिए।
गिरीश राम, लोहाघाट
आम लोगों की परेशानी से सरकार का कोई सरोकार नहीं है। लोगों की याद केवल चुनाव में आती है। रोजगार के मौके कम हो रहे हैं और अब किराया बढ़ाकर जनता की तकलीफ बढ़ाई जा रही है।
कमल महरा, लोहाघाट।
रेल के अलावा सरकारी बसें ही सहारा होती थी लेकिन अब बसों के किराये में भारी वृद्धि हो गई है। बसों में सुविधाएं बढ़ाने के बजाय किराया बढ़ाने से महंगाई से जूझ रहे लोगों की जेब पर ज्यादा मार पड़ेगी।
जावेद अहमद, टनकपुर।
टनकपुर से बरेली का किराया 140 था और शनिवार को इसमें दस रुपये बढ़ गए। बेतहाशा महंगाई के बीच यात्री किराये में इजाफे से आम लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है। इसे वापस लिया जाना चाहिए।
तनुजा देवी, टनकपुर।