टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिन्याड़ी के सार्वजनिक शौचालय के बाहर के हाल। संवाद
चंपावत। एक हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की बारहमासी सड़क के बावजूद इस मार्ग से गुजरने वालों के लिए नागरिक सुविधाओं का अभाव है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के 150 किलोमीटर में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है और जो शौचालय पहले से बने हैं वे काम नहीं आ रहे हैं। इसके चलते लोगों को असुविधा झेलनी पड़ रही है।
एनएच के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सार्वजनिक शौचालय बने हैं लेकिन वे उपयोग लायक नहीं हैं। सिन्याड़ी के सार्वजनिक शौचालय में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं। इसी तरह के बुरे हाल सूखीढांग के शौचालय के भी हैं। लाखों रुपये खर्च कर कुछ समय पहले इन शौचालय का निर्माण कराया गया था लेकिन वे किसी उपयोग में नहीं आ रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता शंकर दत्त जोशी, महेश चौड़ाकोटी, स्वरूप राम आदि का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय की लचर व्यवस्था से यहां से गुजरने वाले यात्रियों और अन्य लोगों को दुश्वारी झेलनी पड़ती है। उन्होंने इन शौचालयों का उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की है। उधर एसडीएम सुंदर सिंह का कहना है कि सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग कराने के लिए संबंधित एजेंसी को पत्र भेजा जाएगा।
बारहमासी सड़क पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करने की जिम्मेदारी एनएच खंड की नहीं है। नागरिक सुविधाओं के लिए एनएच खंड ने जगह-जगह यात्रियों के विश्राम के लिए विश्राम शेड बनाए हैं। - सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड।