अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। 14 महीने से मानदेय को तरस रहे बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) के ठेका कर्मियों ने बुधवार से कामबंद हड़ताल शुरू कर दी। सभी कर्मियों ने अपने-अपने घरों में रहकर विरोध जताया। अब इन कर्मियों ने मानदेय मिले बगैर काम पर नहीं लौटने का एलान कर दिया है। इससे कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में बीएसएनएल की सेवा भी प्रभावित हुई है।
बीएसनएल कैज्युल कांट्रेक्टर वर्कर्स फैडरेशन का कहना है कि ठेके पर रखे गए कर्मियों को न केवल बेहद मामूली मानदेय मिलता है, बल्कि ये रकम भी वक्त पर नहीं मिल रही है। कर्मियों ने कहा कि अप्रैल 2019 से मानदेय नहीं मिलने पर के बावजूद वे न केवल लगातार सेवा देते रहे, बल्कि कोविड-19 महामारी के दौर में भी मुस्तैदी के साथ संचार सेवा सुचारू करने में आगे हैं। मगर अब वे गभीर आर्थिक संकट की चपेट में आ गए हैं। हड़ताल की वजह से बीएसएनएल के कई क्षेत्रों की संचार सेवा प्रभावित हुई है। कार्य बहिष्कार करने वालों में बसंत बल्लभ जोशी, छत्र सिंह बिष्ट, मथुरा दत्त भट्ट, दीप चंद्र, जगदीश जोशी, भीम सिंह, पीतांबर दत्त जोशी, कृष्णानंद भट्ट, घनश्याम जोशी, सुरेश चंद्र जोशी सहित तमाम ठेका कर्मचारी शामिल थे। इधर बीएसएनएल के अल्मोड़ा क्षेत्र के महाप्रबंधक एके गुप्ता का कहना है कि ठेका कर्मियों को जल्द से जल्द मानदेय दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।