चंपावत। जिले में पहली बार महाकाली नदी में राष्ट्रीय स्तर की राफ्टिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। पर्यटन विभाग की ओर से नेशनल राफ्टिंग प्रतियोगिता की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विभाग की ओर से यह प्रतियोगिता सितंबर या अक्तूबर माह में कराने की तैयारी है। महाकाली नदी में चूका से बूम तक सामान्य राफ्टिंग के साथ ही मैराथन राफ्टिंग प्रतियोगिता होगी जिसमें सभी प्रदेशों के राफ्टिंग दल प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा पूर्णागिरि मार्ग पर चरण मंदिर से बूम और ठुलीगाढ़ तक चार चरणों में राफ्टिंग का आयोजन किया जाएगा।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा का निर्धारण करने वाली महाकाली नदी में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता कराई जा रही है। राफ्टिंग प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पर्यटन और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार की ओर आकर्षित करना है। इसके अलावा महाकाली नदी को पूरे भारत में राफ्टिंग एवं कयाकिंग के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा पहचान दिलानी है।
सुरक्षा की दृष्टि से राफ्टिंग के लिए अनुकूल है महाकाली नदी
चंपावत। पर्यटन विभाग की ओर से विशेषज्ञों से कराए गए परीक्षण में महाकाली नदी को राफ्टिंग प्रतियोगिता के लिए उपयुक्त पाया गया है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी के अनुसार महाकाली नदी में तकनीकी तौर पर 20 से 25 किमी का भौतिक क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है जो राष्ट्रीय स्तर की राफ्टिंग चैंपियनशिप के लिए सुरक्षा की दृष्टि से काफी अनुकूल भी है। संवाद
नदी के 20 किमी के दायरे में आएंगे 10 रैपिड स्थान
चंपावत। महाकाली नदी में चूका से बूम तक राफ्टिंग के लिए करीब 20 किमी के तहत 10 रैपिड (जहां नदी मुड़ती है) स्थान आएंगे। प्रतियोगिता में अलग अलग वर्गों में 40 स्वर्ण पदक, 40 रजत पदक और 40 कांस्य पदक दिए जाएंगे। संवाद
चंपावत में पहली बार राष्ट्रीय राफ्टिंग प्रतियोगिता कराई जा रही हैं। उत्तरकाशी जिले के साहसिक खेल अधिकारी और राफ्टिंग विशेषज्ञ मोहम्मद अली खान की ओर से प्रतियोगिता की कार्ययोजना तैयार की गई है।
-अरविंद गौड़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।