चंपावत। दिसंबर तक पहला बहुमंजिला पार्किंग स्थल तैयार हो जाएगा। 3.20 करोड़ रुपये से 48 वाहनों पार्किंग स्थल का 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि इसे इस साल दिसंबर तक संचालित किया जाएगा।
जिले में आबादी और शहर के विस्तार के साथ वाहन बढ़े। 17 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहनों को खड़ा करने के लिए कोई कायदे की जगह नहीं होने से मुश्किल होती है। इस पार्किंग स्थल के अलावा जिले के तीन (चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर) में भी सवा सात करोड़ रुपये से 302 वाहनों की क्षमता के पांच पार्किंग स्थल निर्माणाधीन हैं।
चंपावत जिले में स्वीकृत वाहन पार्किंग
स्थान- पार्किंग क्षमता- अवमुक्त राशि (लाख रुपये में)
चंपावत टीआरएच परिसर: 64 वाहन- 173.43
लोहाघाट टीआरएच परिसर: 41 वाहन- 116.44
टनकपुर टीआरएच परिसर: 96 वाहन- 199.30
टनकपुर: 79 वाहन- 110.72
लोहाघाट: 22 वाहन- 122.40
कोट
पार्किंग स्थल न होने से आम लोगों से लेकर कारोबारी तक सब प्रभावित हो रहे हैं। न केवल जाम आम है, बल्कि आवाजाही में अधिक वक्त लगता है।
किशोर कलखुड़िया, कारोबारी, चंपावत।
कोट
सड़क किनारे वाहन खड़ा करने को मजबूर लोगों को अक्सर चालान भी भुगतना होता है। सुविधाओं के साथ व्यवस्थित शहर के लिए भी पार्किंग जरूरी है।
दिनेश जोशी, व्यापारी, चंपावत।
कोट
चंपावत की बहुमंजिली पार्किंग का काम इस साल के अंत तक पूरा होने की आस है। इसके अलावा जिले में 722.29 लाख रुपये से पांच नए पार्किंग स्थलों के निर्माण का भी काम चल रहा है। इन पार्किंग को 2024 के अंत तक पूरा करा लिया जाएगा।
नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।