चंपावत। गुरु पैलाग। आशीर्वाद देने के बाद अधेड़ व्यक्ति ने सवाल किया आजकल ड्यूटी में कहां हो सर? दूसरी तरफ से जवाब मिला यहीं हूं ड्यूटी में। फिर प्रश्न करने वाले को लगा कि यह अफसर लग रहे हैं व्यक्ति जरूर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की ड्यूटी में आए होंगे। तब इस पर भी उन्होंने सवाल किया ही था कि तभी उस अफसर लग रहे व्यक्ति के साथ चल रहे कुछ लोगों में से एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना ने बोल दिया यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हैं। इतना सुनते ही सीएमओ कार्यालय के पास चाय की दुकान वाले नित्यानंद जोशी भौंचक्के रह गए।
बताते हैं कि वह हड़बड़ा गए और समझ नहीं पाए कि क्या कहें। मुख्यमंत्री ने उनसे उनका नाम पूछा, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली। इंटर पास तीनों बच्चों की रोजगार की दिक्कत बताने पर भरोसा दिया। ये पूरा वार्तालाप और घटनाक्रम सीएम की पौन घंटे की मार्निंग वॉक के दौरान सुबह 7:05 बजे से 7:17 मिनट के बीच का है।
25 साल पुराने इस मामूली ढाबे में 12 मिनट तक खड़े खड़े सीएम धामी ने चाय पी। मना करने के बाद भी नित्यानंद को सीएम ने 100 रुपये दिए। चाय पीने से पूर्व सूर्योदय होने पर यहीं से सूर्यदेव को प्रणाम किया। और फिर आगे बढ़ गए। चाय विक्रेता नित्यानंद बताते हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री को कभी देखा नहीं था, बस अखबार में देखा था। उनके साथ कोई पुलिस वाला भी नहीं था। कुछ दूरी पर कुछ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता थे। मफलर और टोपी पहने होने की वजह से उन्हें पहचानना और भी कठिन हुआ।
नित्यानंद का कहना हैं कि मुख्यमंत्री के आते वक्त वे सफाई करने के बाद नाश्ते की तैयारी के लिए आलू उबालने के लिए रख रहे थे। मोराड़ी ग्राम पंचायत के नित्यानंद 12 किमी दूर से आकर 25 साल से इस दुकान को चला रहे हैं। इस मुलाकात से गदगद नित्यानंद का खुशी का ठिकाना नहीं है। सीएम की सादगी, मृदुल व्यवहार, हाथ मिलाना और पीठ में हाथ रख अपनापन दिखाने से अब वे मुरीद हो गए हैं। कहते हैं कि 12 मिनट के ये पल उनके जीवन की अनमोल धरोहर बन गए हैं। इसे वे ताउम्र याद रखेंगे। संवाद
मार्निंग वॉक के बाद मैदान से कार से लौटे सीएम
चंपावत। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह 45 मिनट तक सैर की। अलग-अलग लोगों से मिले। कुशलक्षेम के साथ सरकारी योजनाओं के लाभ और उससे संबंधित जानकारी पर बात की। सर्किट हाउस से सुबह 6:45 बजे से 7:31 बजे तक गोरलचौड़ मैदान तक गए। इस दौरान चाय वाले के अलावा केजी में पढ़ने वाले नन्हे बच्चे रेयांश से मिले। नाम पूछने के बाद कक्षा और स्कूल खुलने के बारे में बात की। पीठ थपथपाई और आगे बढ़े। पानी भर रही महिला से मुलाकात के बाद मल्लीबाजार से कौशल साह, रवींद्र तड़ागी सहित कई लोगों से मिले।