हल्द्वानी के निजी अस्पताल में इलाज कराती भिगराड़ा की जख्मी सरस्वती देवी। संवाद
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चंपावत। मवेशियों को चराने गई भिंगराड़ा निवासी वृद्धा को पहाड़ी से गिरने पर दो दिन के भीतर इन चार अस्पतालों में दस्तक देनी पड़ी। सरकारी अस्पताल में इलाज न मिलने पर वृद्धा को निजी अस्पताल ले जाया गया।
नगर से 55 किमी दूर स्थित ग्राम भिंगराड़ा निवासी जगदीश सिंह की पत्नी सरस्वती देवी (65) शनिवार सुबह मवेशियों को चराने जंगल गईं थीं। रास्ते में संतुलन बिगड़ने से अनियंत्रित सरस्वती खाई में गिर गईं। गिरने से उनके आंख, मुंह सहित कई जगह भीतरी चोटें आईं। चोटिल सरस्वती को खाई से निकाल सीधे 42 किमी दूर लोहाघाट अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल (डीएच) रेफर किया। फिर कुछ देर के इलाज के बाद हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) रेफर किया गया। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी का कहना था कि चोटिल महिला की देखभाल की गई लेकिन सीटी स्कैन की जरूरत के कारण शनिवार शाम को रेफर किया गया।
पति जगदीश सिंह का कहना है कि शनिवार रात एसटीएच पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने देखा लेकिन हालत में खास सुधार न होने पर वे रविवार को पत्नी को हल्द्वानी के ही एक निजी अस्पताल ले गए। उन्हें अंदरूनी चोट लगी है। जीभ भी कटी है। परिजनों का कहना है कि निजी अस्पताल के इलाज से कुछ राहत है।
चंपावत में मंजूर सीटी स्कैन लगने में हो रही देरी
चंपावत। जिले में सीटी (कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी) स्कैन की मशीन तीन महीने पहले स्वीकृत है। डीएच में अल्ट्रासाउंड कक्ष के पास की जगह को सीटी स्कैन मशीन के लिए तय भी कर लिया गया है लेकिन मशीन लगने में देरी से लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। सीटी स्कैन की सुविधा न होने से इसके लिए मोटी रकम खर्च कर रुद्रपुर, हल्द्वानी, बरेली जाना पड़ता है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि सीटी स्कैन शुरू होने में अभी तीन महीने और लगेंगे। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने मशीन के लिए कार्यादेश दिया है। जिला अस्पताल में मशीन आने के बाद आगे का काम किया जाएगा।