टनकपुर (चंपावत)। मंजूरी के बाद भी लीज नवीनीकरण की कार्यवाही में देरी से शारदा में खनन रुक गया है। माना जा रहा है कि नवीनीकरण की कार्यवाही में वक्त लग सकता है।
शासन से मंजूरी के बाद नदियों और पट्टों की रायल्टी दरों में असमानता के विवाद में इस बार शारदा में खनन देर से शुरू हुआ है। 6 फरवरी से खुला खनन अब लीज नवीनीकरण की कार्रवाई में देरी के कारण रुक गया है। बता दें कि प्रदेश की अन्य नदियों के साथ ही शारदा में खनन की लीज 28 फरवरी को समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर केंद्र सरकार ने अगले पांच साल के लिए लीज बढ़ा दी है लेकिन विभाग के पास इसका आदेश अब तक नहीं पहुंचा है जिस कारण वन निगम ने 1 मार्च से खनिज की निकासी बंद कर दी है।
निगम प्रभारी खनन प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि नवीनीकरण के लिए शासन स्तर पर पर्यावरणीय स्वीकृति की कार्रवाई चल रही है। केंद्र के बाद राज्य सरकार की ओर से भी आदेश जारी होना है। फिलहाल आदेश पहुंचने तक खनन रोक दिया गया है।
23 दिनों में 30 हजार घनमीटर हुई है खनिज निकासी
टनकपुर (चंपावत)। शारदा में इस बार 28 फरवरी तक सिर्फ 23 दिन ही खनन कार्य हुआ। प्रभारी खनन प्रबंधक राकेश कुमार के मुताबिक शासन से 50 हजार घनमीटर खनिज निकासी की मंजूरी मिली थी जिसके सापेक्ष करीब 30 हजार घनमीटर खनिज की निकासी हो पाई है। लीज नवीनीकरण के साथ ही खनिज निकासी की मात्रा और बढ़ेगी। संवाद