रॉयल्टी बढ़ाने की मांग को लेकर सीएम कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल को ज्ञापन देते खनन
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चंपावत। नदियों से होने वाले उपखनिज कार्य की रॉयल्टी की दर बढ़ाने से खनन कारोबारी नाराज हैं। परेशान कारोबारियों ने इस संबंध में मंगलवार को सीएम कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। खनन कारोबारियों ने बढ़ी हुई दरों से होने वाले नुकसान का जिक्र करते हुए इसे पूर्व की तरह रखने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार की ओर से रॉयल्टी में बढ़ोत्तरी किए जाने के कारण कार्य करना संभव नहीं है। प्रमुख खनन कारोबारी उमेश खर्कवाल का कहना है कि खनन रॉयल्टी में 100 प्रतिशत इजाफा होने से खनन व्यवसाय की कमर टूट जाएगी। खनन के काम में चंपावत जिले में 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। ज्ञापन देने वालों में मनोहर सिंह, अजय नेगी, रोहित बिष्ट, अशोक सिंह, सुंदर सिंह बोहरा, विजय सिंह बोहरा, गोविंद सिंह, अमर सिंह, उमेश भट्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
मैदान के समान हुई पहाड़ की खनन रॉयल्टी
चंपावत। प्रदेश सरकार की ओर से 18 जनवरी को पहाड़ में खनन रॉयल्टी साढ़े तीन रुपये से बढ़ाकर सात रुपये कर दी गई है। इससे पूर्व तक मैदान में सात रुपये और पहाड़ में साढ़े तीन रुपये की रॉयल्टी थी। पहाड़ में रॉयल्टी कम होने की बड़ी वजह यहां की भौगोलिक परिस्थितियां थीं लेकिन अब यह अंतर खत्म हो गया है। साल 2021-22 में चंपावत जिले में कुल 931770 घन मीटर उप खनिज निकासी हुई थी। इसमें पहाड़ (चल्थी की लधिया, लोहाघाट क्षेत्र की पनार और सरयू नदी) से 707770 और मैदान में शारदा नदी से महज 225000 घन मीटर उपखनिज निकासी हुई थी।