चंपावत। बच्चों को बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने का दावा करने वाली सरकारी शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। लचर शिक्षा व्यवस्था की सुध लेने वाला भी कोई नहीं है। पूर्णागिरि धाम क्षेत्र के कोटकेंद्री राजकीय जूनियर हाईस्कूल में 18 दिन से ताले लटके हैं। दोनों शिक्षकों के चिकित्सा अवकाश पर जाने से यह स्थिति पैदा हुई है। विभाग ने इस स्कूल की जिम्मेदारी नजदीक के प्राइमरी स्कूल के अकेले शिक्षक को दी है।
कोटकेंद्र जूनियर हाईस्कूल 26 अगस्त से बंद है। यहां तैनात दोनों शिक्षकों के चिकित्सा अवकाश पर हैं। इस विद्यालय में तीन छात्राएं पढ़ती हैं। बंद स्कूल की छात्राओं के लिए पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था पास के प्राथमिक विद्यालय में की गई है। प्राथमिक स्कूल के अकेले शिक्षक नरेश पांडे अपने स्कूल के बच्चों के साथ इन छात्राओं को भी पढ़ा रहे हैं।
इसी साल 13 मई को कोटकेंद्री जूनियर हाईस्कूल में सीईओ और बीईओ के मुआयने में प्रधानाध्यापक और एक शिक्षिका गैर हाजिर मिले थे। जांच के बाद प्रधानाध्यापक और एक शिक्षिका को दूरस्थ विद्यालयों में स्थानांतरित कर दिया गया था।
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कोटकेंद्री जूनियर हाईस्कूल में एक शिक्षक पहले से चिकित्सा अवकाश पर थे। चोट लगने से दूसरे शिक्षक को एकाएक छुट्टी लेनी पड़ी। काम चलाने के लिए 26 अगस्त से कोटकेंद्री प्राइमरी स्कूल के शिक्षक को जूनियर हाईस्कूल का भी शिक्षण कार्य देखने के निर्देश दिए गए हैं।
भारत जोशी, खंड शिक्षाधिकारी, चंपावत।