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लॉकडाउन से मुश्किल में आए शराब कारोबारियों ने डीएम से लगाई गुहार

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चंपावत में मांग पत्र के साथ शराब अनुज्ञापी। - फोटो : AMAR UJALA
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अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। जिले के शराब ठेकेदारों ने पिछले वित्तीय वर्ष में 23 मार्च से 31 मार्च तक (9 दिन) दुकानें बंद रहने पर इस समयावधि को नए वित्त वर्ष में बढ़ाने का आग्रह किया है। कहा कि उनके पास शराब का भारी स्टॉक है, लेकिन दुकान बंद होने से यह बचा रह गया। जबकि इस अवधि का अधिभार वे पहले ही जमा करा चुके हैं। ऐसा नहीं होने से उन्हें दस करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो जाएगा। इसे लेकर रविवार को इन ठेकेदारों ने डीएम को पत्र भेज समयावधि बढ़ाने की गुहार लगाई है।  शराब अनुज्ञापी प्रकाश अधिकारी, दिनेश देव, बैज सिंह, जगत सिंह ढेक, रमेश चंद, विष्णु अग्रवाल, राजेंद्र ढेक, रमेश ढेक आदि का कहना है कि लॉकडान की वजह से 23 मार्च से शराब की दुकानें बंद हैं। वित्त वर्ष के आखिरी माह में कई करोड़ रुपये अधिभार जमा करने के बावजूद आखिरी नौ दिन नहीं खुल सकी। जिस कारण शराब की बिक्री नहीं हो सकी। वहीं 2020-2021 वित्त वर्ष के शराब के ठेकेदारों ने 1 अप्रैल से 3 मई तक का अधिभार व लाइसेंस शुल्क माफ करने की गुहार लगाई है। इसे लेकर शराब ठेकेदारों ने सांकेतिक विरोध भी जताया। वहीं डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि अनुज्ञापियों के प्रार्थना पत्र को शासन के सम्मुख भेजा जाएगा। वहां से जो भी निर्देश आएगा, उसके अनुरूप आगे की कार्यवाही की जाएगी। :: 4 को दुकानें खुलेंगी, ये तय नहीं :: चंपावत। 22 मार्च को स्वैच्छिक जनता कर्फ्यू से 43 दिन तक बंंद रहने के बाद 5 मई से शराब की दुकानों को सशर्त खोलने की अनुमति दी गई है, लेकिन जिले में यह तय नहीं कि ये दुकानें सोमवार से खुल सकेंगी या नहीं। जब दुकानें बंद हुई थी, तब इनका अधिकार दूसरे अनुज्ञापी के पास था और अब वित्त वर्ष बदलने से नए ठेके हो चुके हैं। इस वजह से जरूरी दस्तावेजों का हस्तांतरण अभी नहीं हो सका है। इधर जिला आबकारी अधिकारी तपन पांडेय का कहना है कि विभाग की सोमवार से दुकानों को खोलने की पूरी तैयारी है। इसे लेकर अनुज्ञापियों को समझाया जाएगा।
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