चंपावत। जिले के पाटी विकासखंड की गड्यूड़ा ग्राम पंचायत में पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणोंं ने डीएम और जल संस्थान के ईई कार्यालय में ज्ञापन भेजकर पेयजल आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1987 में बनी गड्यूड़ा पेयजल योजना वर्ष 2021 में आई प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब विभाग की ओर से कई जगह प्लास्टिक के पाइप लगाए गए जो जंगलों में लगी आग के कारण जल गए। तब से ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जल संस्थान की ओर से लाइन की मरम्मत किए बिना ग्रामीणों को बिल थमाए जा रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में सुभाष चंद्र, राकेश चंद्र, प्रकाश चंद्र, घनश्याम, दीपक चंद्र, लोकमणी, चूड़ामणि, महेश चंद्र, दिनेश भट्ट, भुवन चंद्र भट्ट आदि ग्रामीण शामिल हैं।
मैदान में तपिश लेकिन पहाड़ में गर्मी का अहसास तक नहीं
चंपावत। पहाड़ और मैदान से मिलकर बने चंपावत जिले का भूगोल भिन्न है। इसलिए यहां का मौसम भी विविधता भरा है। जिले के मैदान और पहाड़ी क्षेत्रों के तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर है।
मैदानी क्षेत्रों में तपिश और भीषण गर्मी लोगों के कामकाज पर असर डाल रही है। टनकपुर और बनबसा में पंखों समेत कूलर का उपयोग बढ़ने से बिजली की सामान्य खपत में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। ऊर्जा निगम के ईई रवि कुमार का कहना है कि अभी मैदानी क्षेत्रों में कटौती शुरू नहीं की गई है। वहीं पहाड़ में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में गर्मी का कतई अहसास नहीं है। चंपावत, लोहाघाट सहित अधिकतर पर्वतीय क्षेत्रों का मौसम बेहद खुशगवार है। सुबह धूप और फिर बादल छाने के साथ तेज हवा से बुधवार को भी चंपावत में फरवरी जैसा मौसम था।
पहाड़ और मैदान का तापमान
शहर अधिकतम न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
चंपावत 23 11
लोहाघाट 24 11
टनकपुर 35 20
बनबसा 34 20