चंपावत। उत्तराखंड बनने के बाद चंपावत जिले में पांच नए डिग्री कॉलेज खुले लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में खास सुधार नहीं हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों के तीन महाविद्यालयों की स्नातक कक्षाओं में छह-सात विषय ही पढ़ाए जा रहे हैं।
राज्य बनने से पूर्व चंपावत जिले में सिर्फ लोहाघाट और चंपावत के दो महाविद्यालयों में ही उच्च शिक्षा की व्यवस्था थी। उत्तराखंड बनने के बाद पांच नए कॉलेज खुले लेकिन इन नए महाविद्यालयों में से ज्यादातर में विषयों की उपलब्धता सीमित है। जिले के सात राजकीय महाविद्यालयों में से लोहाघाट, चंपावत, टनकपुर और बनबसा नगरीय क्षेत्र में हैं जबकि शेष तीन कॉलेज पाटी, अमोड़ी और देवीधुरा ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
शहरी क्षेत्रों के महाविद्यालयों में सुविधाएं बेहतर हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेज नाममात्र के हैं। मई 2019 में खुले पाटी कॉलेज में बीए में सिर्फ छह विषय हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, शिक्षाशास्त्र और समाजशास्त्र स्वीकृत हैं जबकि चंपावत ब्लॉक के अमोड़ी डिग्री कॉलेज में बीए में सिर्फ सात विषय पढ़ाए जा रहे हैं। कमोबेश ऐसे ही हाल वर्ष 2014 में खुले देवीधुरा कॉलेज के भी हैं। वहां पंजीकृत छात्र-छात्राओं ने नए विषयों के साथ रोजगारपरक विषय भी पढ़ाने की मांग की है।
पाटी डिग्री कॉलेज में अभी सिर्फ बीए की पढ़ाई हो रही है। बीए में छह विषय हैं। दो नए विषय राजनीतिविज्ञान और अर्थशास्त्र पढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी को पत्र भेजा गया है। - हिना परवीन, प्राचार्या, राजकीय डिग्री कॉलेज, पाटी।