लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट के लड़ीधूरा महोत्सव में बारिश के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रमों समेत खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हो सका। शरीर सौष्ठव प्रतियोगिता भी स्थगित करनी पड़ी। हालांकि बच्चों की शैक्षिक आदि प्रतियोगिताएं हुईं।
मुख्य अतिथि बीडीओ बसंत बल्लभ जोशी ने शैक्षिक प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया। सांस्कृतिक प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में जीजीआईसी काकड़, जीआईसी बाराकोट, हाईस्कूल कालाकोट ने पहला, दूसरा, तीसरा स्थान पाया। जूनियर वर्ग में सरस्वती शिशु मंदिर बाराकोट पहले, प्राथमिक विद्यालय बाराकोट दूसरे स्थान पर रहा। प्राथमिक वर्ग की नृत्य प्रतियोगिता में अनिका जोशी, पूजा गोस्वामी, लक्षिता वर्मा, जूनियर वर्ग में आरुषि, आयुष टम्टा, रिया अधिकारी, कंप्यूटर टाइपिंग टेस्ट में जतिन नाथ, हिमांशु गोस्वामी, पारस वर्मा, सुलेख प्राथमिक वर्ग में अनन्या गोस्वामी, इशिता आर्य, निहारिका गोला, जूनियर वर्ग में शशि गोस्वामी, दीया अधिकारी, मानसी अधिकारी, अंग्रेजी सुलेख प्रतियोगिता प्राथमिक वर्ग में अनिका जोशी, गर्विता पुनेठा, माही अधिकारी, जूनियर वर्ग में अमरनाथ, जतिन अधिकारी, अवि कुमार पहले, दूसरे, तीसरे स्थान पर रहे।
क्या ऑनलाइन शिक्षण, कक्षा कक्ष शिक्षण का विकल्प हो सकता है विषय पर सीनियर वर्ग की वाद विवाद प्रतियोगिता हुई। इसके पक्ष में नकुल जोशी, अखिल अधिकारी, विनय जोशी, विपक्ष में निहारिका फर्त्याल, कुसुम अधिकारी, वैष्णवी अधिकारी पहले तीन स्थानों पर रहे।
मोबाइल गेम बच्चों के विकास में लाभदायक है विषय पर पक्ष में अनिका जोशी, रिया बोहरा, हर्षिता अधिकारी, विपक्ष में शगुन अधिकारी, दीपांशु बोहरा, मृदुल जोशी पहले तीन स्थानों पर रहे। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में प्रियांशु जोशी, ज्योति ढेक, आराध्या वारी पहले, दूसरे, तीसरे स्थान पर रहे। आयोजन समिति ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
कवि सम्मेलन में शेर सिंह अधिकारी, धर्मानंद जोशी, चक्रपाणि ओली ने हास्य रस की कविताएं सुनाईं। महोत्सव समिति के अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी की अध्यक्षता में जगदीश अधिकारी ने संचालन किया। आयोजन में लोकमान अधिकारी, रिंकू अधिकारी, राजेश अधिकारी, कृष्ण अधिकारी, दुर्गेश जोशी, नवीन जोशी, नंदाबल्लभ बगौली, नमन जोशी, रजनीश जोशी, बसंत लाल वर्मा, योगेश जोशी, कौस्तुभ अधिकारी, सूरज आदि सहयोग कर रहे हैं।
लड़ीधूरा महोत्सव में रथ यात्रा आज
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट के लड़ीधूरा महोत्सव का मुख्य आकर्षण रविवार को काकड़, पम्दा, बाराकोट गांवों से मां भगवती और मां महाकाली की रथ यात्राएं होंगी। श्रद्धालुओं की ओर से रस्सों के सहारे दुर्गम रास्तों को पार कर लड़ीधूरा मंदिर लाया जाएगा। रथ यात्राओं के लड़ीधूरा स्थित मां भगवती मंदिर की परिक्रमा करने के साथ ही पांच दिनी महोत्सव का समापन किया जाएगा।