संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर (चंपावत)। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद एक बार फिर शारदा में खनन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार की अनुमति मिलते ही खनिज निकासी शुरू हो जाएगी। वन निगम के खनन अनुभाग ने निकासी गेटों पर लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली है। विभाग सोमवार से खनिज निकासी शुरू होने की उम्मीद जता रहा है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड-19 और लॉकडाउन से प्रदेश की आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को राज्य की प्रमुख सात नदियों में खनन की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे केंद्रीय मंत्रालय ने मंजूर करते हुए आगामी 30 जून तक खनन की अनुमति दे दी है। अब प्रदेश सरकार के स्तर पर खनन शुरू कराने को जरूरी कार्रवाई होना बाकी है।
शारदा के खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि केंद्र से अनुमति के बाद राज्य के औद्योगिक सचिव, खनन निदेशक और जिलाधिकारी के स्तर से आदेश की प्रतिक्षा है। उन्होंने बताया कि शारदा से खनिज निकासी की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। शारदा के अप और डाउन स्ट्रीम निकासी गेटों पर तौल कांटों का अपडेट कर लिया गया है। सोमवार से खनिज निकासी शुरू होने की उम्मीद है।
---::: शारदा से 1.80 लाख घन मीटर निकासी शेष :: इस बार कोरोना महामारी के कारण शारदा समेत प्रदेश की सात नदियों में करीब डेढ़ माह खनन बंद रहा, जिससे खनन कारोबार से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित होने के साथ ही सरकार को भी करोड़ों रूपये राजस्व का नुकसान हो रहा था। बात सिर्फ शारदा की करें तो इस बार निकासी लक्ष्य 4.43 लाख घन मीटर निकासी लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 2.53 लाख घन मीटर की निकासी हो पाई है। करीब 1.80 लाख घन मीटर निकासी शेष है। लक्ष्य पूरा नहीं होने से छह करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान हुआ है।